
गंगापुरसिटी . संत निरंकारी मंडल के तत्वावधान में शहर की संजय कॉलोनी एवं सिंधी कॉलोनी में हुए सत्संग कार्यक्रमों में पुष्पा देवी ने प्रवचन में कहा कि जहां प्यार होता है। वहीं ईश्वर का वास होता है। ऐसे में लोग प्यार से जीवनयापन करें।
उन्होंने कहा कि परमात्मा निरंकार कण-कण और रोम-रोम में व्याप्त है। केवल पूर्ण सद्गुरु ही ईश्वर की अनुभूति कराते हैं।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष गीता देवी नरूका ने कहा कि आज संतों-महापुरुषों का वाणी के साथ मन, वचन, कर्म कथनी-करनी से एक होना है। संतों के दर्शन व संत समागम सौभाग्य से मिलते हैं। संत निरंकारी मिशन व चैरिटेबल फाउंडेशन परोपकार, दया एवं करुणा की सेवा कर रहा है। बीकानेर से आए संत कन्हैयालाल ने कहा कि हर घट में ईश्वर का वास है। आत्मा से परमात्मा का मिलन सद्गुरु ही कराते हैं। बंदों से प्यार करना ही बंदगी है। हर मानव में गुण देखकर गुणों के ग्राहक बनें। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति का आधार ब्रह्मज्ञान है।
धर्मग्रंथों को पढऩे के साथ समझने की जरूरत है। आज हम भगवान को मानते हैं, लेकिन भगवान की नहीं मानते। अंग्रेजी सत्संग में संत राज वासवानी ने कहा कि भक्ति का रंग चढ़ा रहे। युग बदलता है, पर सत्य नहीं बदलता। इस दौरान संत जैकी लधानी, कोटा से राजकुमार, रितु गुप्ता, दीपा, रेणुका आदि ने भजनों की प्रस्तुति दी। बाल संगत ने गीत-गजल और कव्वाली की प्रस्तुति दी। जयपुर की कंचन ने कहा कि मानव जन्म का प्रथम एवं अंतिम लक्ष्य प्रभु की प्राप्ति ही है। संचालन युवा संत राजेन्द्र पेसवानी ने किया। आभार गोधावरी ने जताया।