
सवाई माधोपुर। रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के नए पर्यटन सत्र में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में नई बुकिंग प्रक्रिया के चलते वाहन चालकों ट्रैवल एजेंटों के घोर विरोध का सामना वन विभाग को करना पड़ा था। वह भी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि सामने श्रमिक संघ खड़ी हो गई है। श्रमिक संघ के कर्मचारी पुलिसकर्मियों के समान वेतन देने वनरक्षक के समान वेतनमान और पद देने के लिए मांग कर रहे हैं। इस संबंध में पूर्व में उन्होंने जयपुर में उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था और मांगे मान नहीं पूरी होने पर गणेश धाम पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी।
ऐसे में मंगलवार को मांगों को लेकर 1 श्रमिक संघ के राज्य भर से आए कर्मचारियों ने गणेश धाम पर स्थित मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी और प्रदर्शन किया। इसके बाद मामला बढ़ने पर रणथंभौर बाघ परियोजना के सी सी एफ वाई के साहू उपवन संरक्षक मुकेश सैनी एसीएफ संजीव शर्मा आदि वन अधिकारी मुख्य वन संरक्षक होप का संदेश लेकर धरना स्थल पर पहुंचे सीसीएस ने वन श्रमिकों को संदेश पढ़ कर सुनाया लेकिन इसके बाद भी बड़ी श्रमिक संदेश की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हुए और मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
पूर्व दोपहर में भी 1 श्रमिक संघ के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया गया था लेकिन उस समय भी प्रशासन व श्रमिक संघ के पदाधिकारियों में सहमति नहीं बन पाई थी। वहीं आंदोलन के चलते गणेश धाम का गेट बंद होने के कारण रणथंभौर भ्रमण पर आए देशी-विदेशी पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए अन्य मार्गों से कई पर्यटन वाहनों को जंगल में प्रवेश दिलाने की खबर भी सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में अभी वन विभाग की ओर से कोई पुष्टि नहीं की जा रही है। लेकिन अंदरूनी सूत्रों के अनुसार वन विभाग की ओर से अन्य मार्गों से केंद्रीय पर्यटन वाहनों को जंगल में प्रवेश दिया जा रहा है