गंगापुरसिटी. धुंधेश्वर महादेव की गोद। हरियाली से अच्छादित पहाडि़यां और इनके बीच से गिरते मनोहारी झरने। देर तक पहाड़ों से गिरते जलप्रपात को एकटक निहारते लोग, मानो ऊंचाई से गिरती धाराओं की एक-एक बंूद को गिन लेना चाहते हैं।
गंगापुरसिटी. धुंधेश्वर महादेव की गोद। हरियाली से अच्छादित पहाडि़यां और इनके बीच से गिरते मनोहारी झरने। देर तक पहाड़ों से गिरते जलप्रपात को एकटक निहारते लोग, मानो ऊंचाई से गिरती धाराओं की एक-एक बंूद को गिन लेना चाहते हैं। इस मनमोहक नजारे को देखने के लिए रविवार को लोगों का हुजूम चूली गांव की ओर निकल पड़ा। परिवार के साथ पहुंचे लोग मंदिर में माथा टेकने के बाद झरनों में जमकर नहाए।
कुण्ड में छलांग
मंदिर के पास बने कुण्ड में भी लोग छलांग लगाते नजर आए। लगातार झरते पानी से कुण्ड लबालब भरा हैं। कुण्ड के किनारे की दीवार से लोग पानी में कूदते और फिर ऊपर चढ़ जाते। कोई हादसा न हो इसके लिए दो तीन युवक रस्सी पकड़े पानी में खड़े रहे और कूदने वालों को थामते रहे।