सवाई माधोपुर

कुण्ड को निखारने में जुटे सैकड़ों हाथ

राजस्थान पत्रिका मानव सेवा संस्थान की ओर से आयोजित अमृतम जलम् कार्यक्रम के तहत श्रद्धालुओं ने खण्डार के तारागढ़ किले में स्थित माता कुण्ड में श्रमदान किया।
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सवाईमाधोपुर. खण्डार किले के तारागढ़ दुर्ग में स्थित जयंती माता कुण्ड में श्रमदान कर मिट्टी को बाहर निकालते लोग।

खण्डार. राजस्थान पत्रिका मानव सेवा संस्थान की ओर से आयोजित अमृतम जलम् कार्यक्रम के तहत रविवार को जयंती माता भक्त मण्डल व जिंद बाबा सेवा समिति के तत्वावधान में श्रद्धालुओं ने खण्डार के तारागढ़ किले में स्थित माता कुण्ड में श्रमदान किया। जयंती माता मंदिर के महंत भरत दुबे ने बताया कि शनिवार रात को जयंंती माता भक्त मण्डल कार्यकर्ता लोकेश तिवाड़ी के नेतृत्व में करीब सौ लोगों ने किले में स्थित माताजी कुण्ड में श्रमदान कर कुण्ड को गहरा कर मिट्टी को बाहर निकाला। उन्होंने कुण्ड से मिट्टी व कचरे को बाहर निकालने के लिए चेन बनाई। एक दो दर्जन से अधिक लोगों ने चेन के माध्यम से मिट्टी को बाहर निकाला। जबकि अन्य लोगों ने मिट्टी खुदाई व कुण्ड की सफाई कार्य में सहयोग किया। इस दौरान उन्होंने रात आठ बजे से बारह बजे तक श्रमदान किया।


जल संरक्षण की दिलाई शपथ : इस दौरान मंदिर महंत ने लोगों ने जल संरक्षण की शपथ दिलाई। अन्य कुण्डों में भी श्रमदान कर उनका स्वरूप निखारने क ी शपथ ली।

सूरज की पहली किरण के साथ पुन:
खुदाई में जुटे उधर , रविवार सुबह पहली किरण निकलने के साथ ही जिंदबाबा सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने पुन: माता कुण्ड की खुदाई कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सुबह पांच बजे से दस बजे तक पसीना बहाया। समिति के सिम्पी तिवाड़ी ने बताया कि कुण्ड में मिट्टी होने से उसकी गहराई कम हो गई है। अमृतम जलम अभियान के तहत कुण्ड के अंतिम तल तक खुदाई कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रति रविवार श्रमदान करने का निर्णय कि या गया।

श्रमदान से निखरी पटेल बावड़ी
शिवाड़. राजस्थान पत्रिका के अमृतम जलम अभियान के तहत रविवार को कस्बे में महापुरा रोड स्थित पटेल बावड़ी में सफाई कर श्रमदान किया गया। इस दौरान लोगों ने उत्साह से भाग लेकर सफाई व कचरा उठाने में सहयोग किया। लोगों ने बताया कि प्राचीन बावड़ी में सफाई के अभाव में कचरे व मलबे के ढेर लगे थे। इस पर स्थानीय लोगों ने बावड़ी की सफाई का बीड़ा उठाया। इसमें युवाओं का विशेष योगदान रहा। युवा वर्ग सुबह छह बजे ही बावड़ी में श्रमदान करने पहुंच गए। इसके बाद करीब नौ बजे तक श्रमदान कर पसीना बहाया। इसके बाद कचरे के ढेर को एकत्रित कर जलाया गया। इस दौरान मुकेश सैनी, मनीष, गिर्राज सैनी, रामजी, रेखा, नीलम, आशीष शर्मा, पंकज शर्मा, योगश व जतिन आदि मौजूद थे।

Published on:
04 Jun 2018 05:51 pm
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