
चौथकाबरवाडा. तहसील के एकडा गांव में बुधवार सुबह झूलते बिजली के तारों की चपेट में आने पर करंट से एक युवक की मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने बिजली निगम के कर्मचारियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुलाने की मांग की, लेकिन निगम के अधिकारी व कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं आने पर आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने मृतक के शव को विद्युत निगम के पावर हाउस पर रख दिया और चोरू मार्ग व सवाईमाधोपुर मार्ग पर जाम लगा दिया गया।
इस दौरान मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी राम सिंह यादव तथा तहसीलदार नाथू लाल मीणा ने ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत निगम के उच्चधिकारियों व कर्मचारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। थोडी देर बात ग्रामीणों ने चौरू मार्ग से जाम हटा दिया,लेकिन सवाई माधोपुर मार्ग पर जाम लगाया रखा। ऐसे में 3 घंटे के करीब लगे जाम से चौथ माता यात्री सहित लोगों को काफी परेशानी हुई।
यूं हुआ हादसा : जानकारी के अनुसार मृतक हरिशंकर मीणा (34) निवासी एकड़ा खेत पर कृषि कार्य कर रहा था। इस दौरान भैंस को भगाने गया था। ऐसे में पास ही खेत की जमीन से 3 फीट ऊंचाई से झूलती हुई बिजली के तार के चपेट में आने से मौत हो गई।
जमीन से तीन फीट ऊंचाई पर झूल रही बिजली की लाइन : ग्रामीणों ने कहा कि खेत से होकर निकली विद्युत लाइन जमीन से केवल तीन फीट ऊंचाई से झूलती हुई गुजर रही है। ऐसे में लाइन सही नहीं होने से युवक की जान गई है। ग्रामीणों ने निगम के लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई करने व मृतक परिजनों को निगम की ओर से मुआवजा राशि की मांग की गई। अग्रवाल ने निगम की लापरवाही कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि दिलाने की बात कही। इसके बाद लोग माने।