
सवाईमाधोपुर. प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर फिलहाल सुस्त पड़ा है। एक सप्ताह से मानसून प्रदेश से रूठा है। जिलेभर में मानसून मेहरबान नहीं होने से किसान अभी मायूस है। मानसून की बेरूखी धरती पुत्रों पर भारी पड़ रही है। दिन गुजरने के साथ ही किसानों की धड़कने बढ़ रही हैं। जुलाई के पांच दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में मेहबाबा की मेहरबानी का इंतजार है। बारिश की उम्मीदें पाले किसान सुबह से शाम तक आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे है।
कृषि विभाग ने इस बार खरीफ फसल के लिए 1 लाख 62 हजार 600 हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा है। इसके विपरीत अब तक केवल 19 हजार 100 हैक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ फसल की बुवाई हो सकी है। इधर, आसमान में दिनभर काले बादल उमड़ते रहे हैं, लेकिन बादल बरस नहीं रहे है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अमूनन जुलाई माह के तीन-चार दिन तक जिलेभर में एक बार अच्छी बारिश हो जाती है। लेकिन इस बार पूरे जिले में बारिश नहीं हो पाई है।
पारे में भी बढ़ोतरी : बारिश नहीं होने से दिन-रात का पारा भी बढ़ रहा है। सुबह से शाम तक सूर्यदेव बादलों की ओट में छिपे है। दिनभर बादल भी छाए रहते हैं, लेकिन इन दिनों बादल बिन बरसे ही वापस लौट रहे है।
ये बोले किसान
खरीफ की बुवाई के लिए किसानों ने खेत तैयार कर दिए है, लेकिन अभी तक बारिश नहीं होने से किसानों की उम्मीदें टूट रही है।
रोहिताश, किसान, बिलोपा
एक सप्ताह पहले बारिश होने के बाद खेतों में खरपतवार हटाकर जुताई कर दी है। अब तेज बारिश का इंतजार कर रहे है।
मुकेश कुमार मीणा, डेकवा
आद्र्रता कम होती है
किसानों ने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह व जुलाई के प्रथम सप्ताह में खरीफ फसल की बुवाई के लिए उपयुक्त नमी रहती है। इस दौरान बारिश होने पर किसान जमकर बुवाई करते हैं। अभी आद्र्रता कम है।
फैक्ट फाइल
फसल लक्ष्य अब तक बुवाई
(हैक्टेयर) (हैक्टेयर)
बाजरा 68 हजार 10 हजार 845
ज्वार 500 100
मक्का 1 हजार 200
मूंग 100 50
उड़द 30 हजार 6 हजार 50
मूंगफली 4 हजार 50
तिल 32 हजार 1400
सोयाबीन 12 हजार 100
ग्वार 3 हजार -
अन्य 12 हजार 305
बाजरे की बुवाई पर पड़ेगा असर
जिले में इस बार मानसून में देरी हुई है। प्री-मानसून की बारिश भी पूरे जिले में नहीं हुई। सप्ताहभर तक बारिश नहीं होने पर बुवाई प्रभावित होगी। खासकर बाजरे की बुवाई में असर पड़ेगा।
पांचूलाल मीणा, सहायक निदेशक, कृषि विस्तार, सवाईमाधेापुर