सवाई माधोपुर

पंच-पटेलों ने नकारे आरोप, पीडि़त अडिग

गंगापुरसिटी . लोकसभा चुनाव में एक पार्टी का एजेंट बनने पर पंच-पटेलों द्वारा जाति से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाने की जिला कलक्टर तक पहुंची शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मंगलवार को एसडीएम एवं सीओ ने पीडि़त के गांव बड़ौली पहुंचकर पीडि़त एवं पंच-पटेलों से इस मसले पर बातचीत की। हालांकि गांव के पंच पटेलों ने आरोपों को सिरे से नकारा है। वहीं पीडि़त अपनी बात पर अडिग है।
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पंच-पटेलों ने नकारे आरोप, पीडि़त अडिग

- चुनाव में एजेंट बनने पर जाति से बहिष्कृत करने के हैं आरोप
गंगापुरसिटी . लोकसभा चुनाव में एक पार्टी का एजेंट बनने पर पंच-पटेलों द्वारा जाति से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाने की जिला कलक्टर तक पहुंची शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मंगलवार को एसडीएम एवं सीओ ने पीडि़त के गांव बड़ौली पहुंचकर पीडि़त एवं पंच-पटेलों से इस मसले पर बातचीत की। हालांकि गांव के पंच पटेलों ने आरोपों को सिरे से नकारा है। वहीं पीडि़त अपनी बात पर अडिग है।


बड़ौली निवासी रामसहाय मीना ने सोमवार को सवाईमाधोपुर में जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में एक पार्टी का एजेंट बनने पर समाज के पंच-पटेलों ने मेरा और मेरे परिवार का बहिष्कार कर दिया। साथ ही ग्रामीण उसे प्रताडि़त कर रहे हैं। इस मामले को लेकर एसडीएम सुनीता यादव एवं पुलिस उपाधीक्षक प्रतापमल केडिया बडौली गांव में पीडि़त के घर पहुंचे और पीडि़त की व्यथा जानी। इसके बाद अधिकारियों ने गांव में मीना समाज की थाई पर पंच-पटेलों के साथ बात की। बैठक में ग्रामीणों ने एसडीएम एवं पुलिस उपधीक्षक को बताया कि गांव में ऐसी कोई बात नहीं हुई। सब आरोप निराधार हैं। पंच-पटेलों का कहना था कि यदि रामसहाय अपनी पुत्री की शादी का कार्ड या निमंत्रण देता तो वह विवाह में जरूर शामिल होते। उसने जिन लोगों को निमंत्रण दिया वह शादी में गए और जिसे नहीं बुलाया वह नहीं गए। लोगों ने कहा कि रामसहाय की ओर से लगाए गए आरोपों में सच्चाई नहीं है। गांव में उसके साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं हुई। साथ ही इस मामले को लेकर समाज की कोई मीटिंग नहीं हुई और न ही उसे समाज या जाति से बहिष्कृत किया है।


उधर शिकायकर्ता रामसहाय पुत्र रामफल मीना ने कहा कि उसने इंसाफ के लिए जिला कलक्टर के यहां गुहार लगाई है। मामला लोकसभा चुनावों से जुड़ा है। चुनावों में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बडौली गांव के बूथ नंबर 41 पर चुनाव के दौरान वह एक पार्टी का एजेंट बना था। मैंने फर्जी मतदान करने का विरोध किया तो उसी दिन रात को गांव के पंच-पटेलों ने रात्रि 11.30 बजे मीटिंग करके उसका समाज से बहिष्कार किया था। पीडि़त का कहना है कि इस मामले को लेकर वह गांव छोडऩे को विवश हो रहा है।


इनका कहना है


हमने इस मामले को लेकर दोनों पक्षों से बातचीत की है। पीडि़त की शिकायत के बाद मामले की जांच की जा रही है।
- सुनीता यादव, एसडीएम वजीरपुर


पीडि़त ने गांव के कुछ लोगों पर बहिष्कृत करने का आरोप लगाया है। गांव के लोगों ने बहिष्कृत जैसी बात को नकारा है। पीडि़त और गांव वालों से बात कर मामले की सच्चाई जान रहे हैं।


- प्रतापमल केडिया, पुलिस उपाधीक्षक गंगापुरसिटी

Published on:
15 May 2019 12:43 pm
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