Kinnow plantation: किसानों का रुझान परंपरागत खेती से हटकर आधुनिक बागवानी की ओर बढ़ रहा है। प्रगतिशील किसान रवि मीणा का परिवार पिछले एक दशक से बागवानी कर रहा है।
सवाई माधोपुर। वजीरपुर उपखंड क्षेत्र में किसानों का रुझान परंपरागत खेती से हटकर आधुनिक बागवानी की ओर बढ़ रहा है। नया गांव निवासी प्रगतिशील किसान रवि मीणा का परिवार पिछले एक दशक से बागवानी कर रहा है। रवि ने बताया कि उन्होंने पांच साल पहले खेत में किन्नू के 100 पौधे लगाए थे, जिनसे अब अच्छी पैदावार मिल रही है। एक पेड़ से 50 से 60 किलो तक किन्नू निकलते हैं, जिससे उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है।
रवि मीणा ने बताया कि किन्नू की खेती के लिए यहां की जलवायु और पानी की उपलब्धता उपयुक्त है। उन्होंने पंजाब के हुशियारपुर से पौधे मंगवाए थे, जो पिछले दो साल से भरपूर फल दे रहे हैं। रवि अपने खेत में पेड़ों के बीच चना, गेहूं और सब्जी जैसी फसलें भी उगा रहे हैं।
उन्होंने करीब दो बीघा में बगीचा लगाया है और पानी की बचत के लिए ड्रिप सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं। खेती में देशी खाद का ही प्रयोग किया जाता है। रवि का कहना है कि एक पेड़ से लगभग एक हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। किन्नू की ज्यादा देखभाल भी नहीं करनी पड़ती।
सहायक कृषि अधिकारी पिंटू मीना ने बताया कि क्षेत्र में परंपरागत खेती छोड़कर किन्नू की खेती करने वाले किसान लाखों रुपए कमा रहे हैं। एक बार बगीचा लगाने के बाद यह 30 से 35 साल तक लगातार मुनाफा देता है।
उन्होंने कहा कि किन्नू की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट या चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है। हर साल क्षेत्र में फलदार पौधों का रकबा बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा किन्नू और मौसमी के पौधे लगाए जा रहे हैं, जिनसे किसानों को भरपूर पैदावार मिल रही है।