
विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा। फोटो: पत्रिका
Rajasthan ACB Trap: जयपुर एसीबी की टीम ने सवाई माधोपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिस विकास अधिकारी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था, उसे लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि अधिकारी का करीब 11 माह पहले ही दूसरे जिले में स्थानांतरण हो चुका था, लेकिन वे अब तक कार्यमुक्त नहीं हुए थे।
एसीबी के एएसपी चौधरी ने बताया कि विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद मीणा का पंचायत समिति कार्यालय से करीब ग्यारह माह पूर्व अन्यत्र जिले में स्थानांतरण हो गया था, लेकिन वह रिलीव नहीं हुए थे। ऐसे में स्थानांतरणधीन होने के बाद भी रिश्वत की राशि लेने से नहीं चुके।
गौरतलब है कि एसीबी ने मंगलवार को पंचायत समिति सवाईमाधोपुर के विकास अधिकारी एवं कार्यवाहक जिला परियोजना प्रबंधक जगदीश प्रसाद मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह राशि बीपीएम की नौकरी बचाने और बिल पास कराने के नाम पर ली गई थी।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने कोटा में निवास पर और सवाईमाधोपुर स्थित सरकारी आवासों पर भी छानबीन की। टोंक एसीबी टीम ने पंचायत समिति परिसर स्थित आवास पर तलाशी ली। जबकि आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई जयपुर एसीबी टीम ने की है।
शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि कार्यवाहक डीपीएम नौकरी से मुक्त न करने और लंबित यात्रा भत्ता व अन्य बिल पास करने के एवज में 3 लोगों से एक-एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे है। शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी टीम ने मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई कर कोटा निवासी आरोपी को परिवादी से एक लाख रुपए लेते ही गिरफ्तार किया।
Published on:
25 Feb 2026 03:07 pm
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