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सवाईमाधोपुर। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत जिले में सौर ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिली है। ककराला 33/11 केवी सब-स्टेशन क्षेत्र में 1.71 मेगावाट क्षमता का विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू हो गया है।
इस संयंत्र से जुड़े कृषि फीडरों को अब दिन में सौर ऊर्जा आधारित बिजली मिलेगी, जिससे 239 से अधिक कृषक परिवारों को सिंचाई के लिए नियमित और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार बुजेटिया ने बताया कि इस पहल से किसानों को दिन में बिजली मिलने के साथ उत्पादन लागत में कमी आएगी और कृषि कार्य अधिक सुगम होंगे। साथ ही यह कदम ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
हाल ही में जिले के बौंली उपखंड के कोलाड़ा क्षेत्र में 1.82 मेगावाट, बामनवास उपखंड के रामसिंहपुरा में 1.12 मेगावाट और नानवास क्षेत्र में 1.39 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। अब ककराला का 1.71 मेगावाट संयंत्र भी जुड़ गया है। इन सभी संयंत्रों से बड़ी संख्या में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
वर्तमान में सवाईमाधोपुर जिले में पीएम-कुसुम योजना (कंपोनेंट-ए) के तहत कुल 7.74 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र संचालित हैं। अतिरिक्त 2 मेगावाट क्षमता के संयंत्रों पर कार्य प्रगति पर है।
सारसोप में 1.41 मेगावाट का काम पूरा हो चुका है, जबकि कोलाड़ा में 2.25 मेगावाट क्षमता का संयंत्र अंतिम चरण में है। इनके शुरू होने पर जिले की सौर उत्पादन क्षमता और बढ़ जाएगी।
कुसुम योजना के जरिए किसानों की परंपरागत ऊर्जा पर निर्भरता कम हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण व सतत विकास को नई दिशा मिल रही है।
Updated on:
24 Feb 2026, 5:15 PM IST
Published on:
24 Feb 2026, 5:15 PM IST
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