
सवाई माधोपुर।
रणथम्भौर नेशनल पार्क से निकलकर गत दिनों बूंदी के केशवरायपाटन इलाके में पहुंचा बाघ अब चम्बल नदी पार कर सुल्तानपुर रेंज के मण्डावरी इलाके में पहुंच गया है। शनिवार सुबह ट्रैकिंग कर रहे बूंदी जिले के वनकर्मियों ने कोटा जिले के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मण्डावरी इलाके में तलाश करने पर वहां बाघ के ताजा पगमार्क भी मिल गए। माना जा रहा है कि बाघ रात में चम्बल नदी पार कर इस इलाके में आ गया। अब बाघ की निगरानी के लिए 24 घंटे के लिए वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
पहले भी आ चुकी है एक बाघिन
सुल्तानपुर रेंज में पहले भी एक बाघिन टी 35 रणथम्भौर से आ चुकी है। इस क्षेत्र में वह करीब पांच साल तक रही। बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि बाघिन के इस क्षेत्र में आने का रास्ता अलग था और इस बाघ के आने का रास्ता अलग है।
फोटो ट्रेप कैेमरे लगाए जाएंगे
वनाधिकारी जोधराज सिंह हाडा ने बताया कि बाघ फिलहाल कहीं रुक नहीं रहा है। ऐसे में बाघ के रुकने के बाद या शिकार करने के बाद फोटो ट्रेप कैमरे लगाएंगे। फोटो आने के बाद ही बाघ की पहचान की जा सकेगी। सूत्रों के अनुसार बाघ टी 62 या 110 हो सकता है। दोनों की बाघ अपनी टेरेटरी की तलाश में थे। हालांकि अधिक संभावना टी 110 की बताई जा रही है।