सवाई माधोपुर

ग्रामीण अंचल में फिर जागी ‘परिवहन’ की अलख, रोडवेज ग्रामीण परिवहन सेवा को फिर शुरू करने की कवायद

ग्रामीण अंचल में फिर जागी 'परिवहन' की अलख, रोडवेज ग्रामीण परिवहन सेवा को फिर शुरू करने की कवायद  
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सवाईमाधोपुर. ठेठ ग्राम पंचायतों तक रोडवेज बस सुविधा उपलब्ध कराने की कांग्रेस की महती रोडवेज ग्रामीण परिवहन सेवा फिर से शुरू हो सकती है। इस संबंध में स्थानीय बस ऑपरेटर्स ने गत दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कांग्रेस सरकार ने अपने 2008 से 2013 के कार्यकाल में पीपी मोड पर योजना की शुरुआत की थी।

24 बसें,14 क्लस्टर में संचालन
योजना के तहत पूरे जिले को 14 क्लस्टर में बांटा गया था। वहीं करीब 24 बसें लगाई गई थीं। प्रत्येक क्लस्टर में करीब 15 ग्राम पंचायत मुख्यालयों को रोडवेज बस सेवा से जोड़ा गया था। राज्य सरकार ने निजी ऑपरेटर को बस संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। वहीं रोडवेज को निगरानी का जिम्मा दिया था। प्राइवेट आपरेटर्स को बस संचालन पर होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार करती थी। कांग्रेस सरकार जाने के बाद भाजपा सरकार ने नुकसान की भरपाई की मद में आने वाले फण्ड को बंद कर दिया, जिसके बाद बस सेवा बंद करनी पड़ी।

2017 में बंद हुआ संचालन
सूत्रों से पता चला है कि ग्रामीण बस सेवा में संचालित बसों को पर्याप्त यात्री भार नहीं मिल रहा था। इससे निजी ऑपरेटर को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा था। राज्य सरकार से होने वाली नुकसान की भरपाई बंद होने के बाद धीरे-धीरे ऑपरेटर्स ने घाटे वाले शिड्यूल या क्लस्टर में बस संचालन करना बंद कर दिया। 1 अप्रेल 2017 तक सभी क्लस्टर में संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया।

प्रदेश में बसों की स्थिति
प्रदेश भर में राजस्थान ग्रामीण परिवहन बस सेवा के तहत 500 के करीब बसें संचालित होती थीं। ये ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय, मुख्य तहसील, ग्राम पंचायत, रेलवे स्टेशन आदि से जोड़ती थीं। इससे लगभग 5 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें, 25 हजार से अधिक गांव एवं करीब 30 लाख ग्रामीण जनता को सुविधा मुहैया होती थी।

Published on:
20 Dec 2018 06:05 am
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