महिला एवं स्त्री रोग चिकित्सक नहीं होने से आ रही परेशानी
खण्डार/नायपुर. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खण्डार चिकित्सक नहीं होने से आ रही परेशानी
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खण्डार पर कई दिनोंं से सामान्य प्रसूताओं को भी जिला अस्पताल या बहरावण्डा खुर्द सीएचसी के लिए रैफर किया जाता है। ग्रामीण राजू बैरवा निवासी मुकुन्दपुरा, लोकेन्द धोबी निवासी गण्डावर, गोविन्द माली निवासी गोठ बिहारी आदि ने बताया कि वे गर्भवती पत्नियों को प्रसव के लिए खण्डार सीएचसी लेकर आए, लेकिन सीएचसी में कोई भी महिला एवं स्त्री रोग चिकित्सक नहीं होने के कारण प्रसूताओं को जिला अस्पताल व सीएचसी बहरावण्डा खुर्द के लिए रैफर कर दिया।
रास्ते में हो रहे प्रसव
ग्रामीणों ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं को सीएचसी से जिला अस्पताल के लिए रैफर किया जाता है। उनमें से अधिकांश प्रसव या तो रास्ते हो जाती है या सीएचसी बहरावण्डा खुर्द में हो जाते है।
इस कारण से प्रसूताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे में जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बना रहता है।
108 एम्बुलेंस के स्टाफ का ही सहारा
ग्रामीणों ने बताया कि महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी से सीएचसी से रैफर किए जाने पर रास्ते में होने वाले प्रसव में 108 एम्बुलेंस में कार्यरत चालक व ईएमटी की सहायता से सामान्य प्रसव व समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से बड़े हादसे होने से टल जाते हैं। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से जल्द से जल्द महिला चिकित्सक लगाने की मांग की है।
&महिला चिकित्सक नहीं होना उपखण्ड मुख्यालय के चिन्ता का विषय था। खण्डार सीएचसी पर दो दिन पूर्व ही महिला चिकित्सक को लगाया गया। अब प्रसूता महिला को सीएचसी में ही उपचार मिलेगा।
जितेन्द्र गोठवाल, संसदीय सचिव।
&सीएचसी में महिला चिकित्सक पूर्व में भी लगा दिया था। कुछ असुविधाओं के कारण महिलाओ को रैफर कर दिया जाता है। महिला चिकित्सक को लगाने से सीएचसी में सुधार होगा।
विजयसिंह मीना, सीएचसी प्रभारी खण्डार