सवाई माधोपुर

शफीपुरा के बाशिंदों को मिलेगी जलसंकट से निजात

तकनीकी कमी बताकर जलदाय विभाग को बताया जा रहा था दोषी
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बामनवास के शफीपुरा गांव में पाइप लाइन की जांच के दौरान निकला मरा गोहरा तथा अवरुद्ध पाइप लाइन।


बामनवास. शफीपुरा ग्राम पंचायत के बाशिंदों को अब जल संकटसे निजात मिल सकेगी। ग्रामीणों की ओर से जिस नई पाइप लाइन डालने में जलदाय विभाग को तकनीकी कमी छोडऩे का आरोप लगाते हुए दोषी बताया जा रहा था, वहीं जांच के दौरान उस पाइप लाइन में मरा हुआ गोहरा फंसा मिला है। उसे निकालकर पाइप लाइन साफ करने के बाद अब गांव में बानोर परियोजना से निर्बाध रूप से पानी की आवक शुरू हो गई है। जिससे पहले ही दिन गांव के कुएं में आठ से दस फीट पानी हो गया है। लोग अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए इस कुएं से पानी ले रहे हैं।


गौरतलब है कि शफीपुरा में जलापूर्ति के लिए बानोर जल परियोजना से लगभग छह माह पूर्व पाइप लाइन डाली गई थी। गांव वालों ने जलदाय विभाग की नहीं चलने देते हुए झाड़ोली की बजाय सीधे बामनवास पट्टीखुर्द के चरागाह में होकर पाइप लाइन डलवाई गई, लेकिन पाइप लाइन में पानी प्रेशर से नहीं आने पर जलदाय विभाग के अधिकारियों पर लाइन डालने में तकनीकी कमी छोड़ देने का आरोप लगाते हुए विधायक कुंजीलाल मीना से शिकायत की गई थी। विधायक के निर्देशों के बाद जलदाय विभाग की ओर से दो दिन पूर्व नई पाइप लाइन की जांच का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान पाइप लाइन में एक स्थान पर ज्वाइंट के निकट मरा गोहरा फंसा मिला।


जलदाय विभाग के सहायक अभियंता विजयसिंह मीना के अनुसार संभवतया पाइप लाइन जोड़ते समय प्लास्टिक की गिर्री गरम करते समय पिघलकर जगह रह जाने की वजह से उसमें गोहरा घुस गया। छोटे से छेद मेंं गोहर के फंस जाने के कारण पाइप लाइन में पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। ऐसे में शफीपुरा तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। जिसके चलते टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति कराई जा रही थी। फिलहाल जिस कुएं को पाइप लाइन से जोड़ रखा है। उसमें आठ से दस फीट पानी हो गया है। बैरवा बस्ती के कूप तक भी शीघ्र पाइप लाइन डालकर उसमें पानी पहुंचाया जाएगा।


नौ टैंकरों के सहारे बुझ रही थी प्यास
पाइप लाइन से पानी नहीं पहुंचने के बाद जलसंकट से निपटने के लिए जलदाय विभाग की ओर से शफीपुरा के लिए प्रतिदिन नौ टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू की गई थी। इन टैंकरों से लोगों की प्यास बुझाई जा रही थी, लेकिन अब पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचने के बाद जलदाय विभाग टैंकरों की संख्या की समीक्षा कर सकता है।


गोहरा फंसने से आई बाधा
जलदाय विभाग द्वारा पाइप लाइन डालने के दौरान कोई तकनीकी कमी नहीं छोड़ी गई। जांच में यह साबित भी हो गया है। एक मरे गोहरे के फंसने से लाइन में पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। अब शफीपुरा में बानोर जल परियोजना से नियमित पानी पहुंच सकेगा।
विजयसिंह मीना
सहायक अभियंता जलदाय विभाग, बामनवास



Published on:
19 Mar 2018 11:51 am
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