11 वीं का छात्र परीक्षा देकर घर लौट रहा था। बीच रास्ते में उसके पड़ोस में रहने वाले ने उसे रोककर घर तक साथ चलने के लिए कार में बैठा लिया।
निवाई। सवाईमाधोपुर से गुरुवार की दोपहर 16 वर्षीय अपहृत बच्चे को निवाई पुलिस ने सकुशल दस्तयाब कर लिया है। अपहृत बच्चे से पूछताछ के बाद निवाई थानाधिकारी हरिराम वर्मा ने बताया कि गुरुवार को कक्षा 11 वीं का छात्र परीक्षा देकर घर लौट रहा था। बीच रास्ते में उसके पड़ोस में किराए पर रहने वाले धर्मराज मीणा ने उसे रोककर घर तक साथ चलने के लिए कार में बैठा लिया। कार में पहले से सुमेर मीणा, ए.के. मीणा और एम. टाइगर सवार थे। अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की और चुपचाप कार में बैठे रहने के लिए बोला।
इसके बाद कार लेकर चारों जने सवाईमाधोपुर से बौंली के आसपास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर गए। कार रोककर चारों ने शराब पी और फिर फर्जी सिम से नाबालिग के पिता को वाट्सएप कॉल किया। वाट्सएप कॉल के दौरान बदमाशों ने उसके सिर पर पिस्टल तान रखी थी। बदमाशों ने पहले 50 हजार रुपए की फिरौती मांगी और ऑनलाइन नकदी ट्रांसफर करने के बच्चे के पिता से कहा। थोड़ी देर बाद फिर वाट्सएप कॉल कर फिरौती के लिए एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने के कहा। इस दौरान बच्चे ने जोर से बोलकर धर्मराज मीणा का नाम बता दिया। बच्चे के पिता ने फौरन सवाईमाधोपुर पुलिस को सूचना दी।
थानाधिकारी ने बताया गुरुवार की शाम को कंट्रोल रूम से बच्चे के अपहरण की सूचना मिली थी। जिस पर झिलाय रोड़ पर नाकाबंदी कर रखी थी। अपहरणकर्ता कार से निवाई उपखंड के झिलाय गांव आकर रुके। कार से पहले दो जने उतरकर मोबाइल किसी से बात करने लगे। इसी दौरान एक जना और उतर गया। अब कार में बच्चा और एक बदमाश बैठा रहा। उसी दौरान कार में बैठा बदमाश भी नीचे उतर गया।
यह देखकर बच्चा भी हिम्मत करके कार से कूद गया और दौड़कर झिलाय सीएचसी में घुस गया। जहां एक चिकित्सक को आप बीती सुनाई। कार में बच्चा नहीं होने पर चारों बदमाशाें ने पहले इधर उधर बच्चे को तलाश किया।
लेकिन बच्चा कहीं नजर नहीं आया। इस पर चारों बदमाश कार में बैठकर भाग छूटे। चिकित्सक ने थानाधिकारी को कॉल कर बच्चे की सूचना दी। सूचना पर निवाई थानाधिकारी जाप्ते के साथ नाकाबंदी से सीधे झिलाय सीएचसी पहुंचकर बच्चे को सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस बच्चे को निवाई थाने लाकर सवाईमाधोपुर पुलिस और बच्चे के परिजनों को सूचना दे दी। इस तरह बच्चे को सकुशल बचा लिया गया।