
मलारना डूंगर. श्यामोली नदी में रविवार दोपहर अवैध बजरी खनन को लेकर ग्रामीण व खननकर्ता आमने सामने हो गए। सूचना पर मलारना डूंगर पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले ही खननकर्ता ग्रामीणों से बजरी के भरे ट्रैक्टर छुड़ा कर सपोटरा थाना इलाके में भगा ले गए। जानकारी के अनुसार यहां श्यामोली नदी में खननकर्ता अवैध खनन कर ट्रैक्टर ट्रॉलियों से बजरी का परिवहन करते है। रविवार को श्यामोली गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने घेराबन्दी कर एक दर्जन से अधिक बजरी भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रोक कर खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वह श्यामोली क्षेत्र में बजरी का अवैध खनन नहीं होने देंगे।
टै्रक्टर ट्रॉलियों को रोकने की सूचना मिलते ही दर्जनों खननकर्ता लाठी, डंडे व धारदार हथियार लेकर टै्रक्टरों को छुड़ाने पहुंच गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने मलारना डूंगर पुलिस से मदद मांगी। इस पर मलारना स्टेशन पुलिस चौकी प्रभारी रूपसिंह मौके पर पहुंचे। जहां पूरा घटनाक्रम नदी के पार होने से मलारना स्टेशन पुलिस नदी किनारे बेबस खड़ी रही।
उधर मामले की गम्भीरता को देखते हुए थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह भी मय जाप्ते के पहुंचे। जहां श्यामोली नदी में अधिक पानी होने से पुलिस वाहन नदी किनारे रुक गया। थाना प्रभारी को जाब्ते के साथ देख कर खननकर्ता ट्रैक्टर ट्रॉलियों को लेकर सपोटरा थाना इलाके के हाड़ौती की तरफ भगा ले गए। इस दौरान मलारना एसएचओ ने गांव वालों से ट्रैक्टर मंगवाकर ट्रैक्टर में बैठ कर नदी पार की व ट्रैक्टरों का पीछा किया, लेकिन हाथ नहीं आए। इस पर पुलिस ने तत्काल सपोटरा पुलिस को सूचना दी।
श्यामोली नदी में ग्रामीणों व खननकर्ताओं के बीच तनाव की सूचना मिली थी। मौके पर गए। बजरी खनन व विवाद का पूरा घटनाक्रम नदी पार सपोटरा थाना इलाके में हुआ है। नदी पार कर उनका पीछा भी किया, लेकिन वह भाग निकले। सपोटरा पुलिस को भी सूचना दी है।
बृजेन्द्र सिंह, थाना प्रभारी मलारना डूंगर