सवाई माधोपुर

विधायक ने लाभार्थियों को राहत देने को लेकर लिखा था, लेकिन गिरदावर ने इसे नजरअंदाज कर मांगी थी रिश्वत

विधायक ने लाभार्थियों को राहत देने को लेकर लिखा था, लेकिन गिरदावर ने इसे नजरअंदाज कर मांगी थी रिश्वत
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विधायक ने लाभार्थियों को राहत देने को लेकर लिखा था, लेकिन गिरदावर ने इसे नजरअंदाज कर मांगी थी रिश्वत
विधायक ने लाभार्थियों को राहत देने को लेकर लिखा था, लेकिन गिरदावर ने इसे नजरअंदाज कर मांगी थी रिश्वत

विधायक ने लाभार्थियों को राहत देने को लेकर लिखा था, लेकिन गिरदावर ने इसे नजरअंदाज कर मांगी थी रिश्वत
सवाईमाधोपुर/ बामनवास @पत्रिका. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा बुधवार को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किए बामनवास तहसील में कार्यरत आरोपी गिरदावर रमेश चंद सोनी से पूछताछ में नया खुलासा सामने आया। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि जिन फाइलों को पास करने की एवज में गिरदावर ने रिश्वत मांगी थी, उस मामले को लेकर बामनवास विधायक ने भी अपने लेटर हैड पर तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर योजना से जुड़े लाभार्थियों को जल्द राहत पहुंचाने की अभिशंसा की थी। बामनवास विधायक की ओर से चिट्ठी लिखने के बाद भी आरोपी गिरदावर ने उसे नजरअंदाज कर दिया। वहीं वह प्रति फाइल पर रुपए की मांग कर रहा था। जनप्रतिनिधि के पत्र को भी उसने कोई तवज्जो नहीं दी।

42 फाइलों को अटकाए बैठा थाएसीबी अधिकारियों ने बताया कि मामले में परिवादी मुकेश मीणा से आरोपी गिरदावर रमेश चंद सोनी ने पहाड़ी अकाल घाटी बारात बस दुर्घटना में पीड़ितों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता दिलवाने की एवज में कुल 42 फाइलों को पास करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। वहीं उसे 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में रिश्वत लेने के बारे में सवाल किए तो उसने कहा कि फाइलों में कमी थी। इसलिए पास नहीं की। एसीबी ने जब सवाल किया कि जब कमी थी तो उसे संबंधित पटवारी व कार्मिक को क्यों नहीं लौटाई। वह कई सप्ताह से रोककर बैठा था। इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

मामा-भानजे का खेल: कुछ भी कर लो पैसे दिए बिना काम नहीं होगाएसीबी अधिकारियों ने बताया कि दूसरे मामले में पंचायत समिति बामनवास में कार्यरत सहायक अभियंता महेश गोयल एवं ग्राम पंचायत टूंडीला के ग्राम विकास अधिकारी रिंकेश गर्ग को 60 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी लोगों से योजनाओं की फाइल पर रुपए की मांग करता था। वहीं लोगों से कहता था कि चाहे किसी से भी शिकायत कर लो पैसे दिए बिना काम नहीं होगा। सहायक अभियंता महेश गोयल व रिंकेश दोनों रिश्ते में मामा-भानजे हैं।

सात वर्ष पहले अनुकंपा नौकरी पर लगा थाएसीबी अधिकारियों ने बताया कि टूंडीला के ग्राम विकास अधिकारी रिंकेश गर्ग सात वर्ष पहले ही अनुकंपा नियुक्त के तहत वीडीओ पद पर लगा था। वह लोगों का समय पर काम भी नहीं करता था। इसकी वजह से लोग परेशान थे।

घूसखोर कार्मिकों को न्यायालय ने भेजा जेलउपखंड मुख्यालय पर बुधवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दो अलग-अलग जगह कार्रवाई कर तहसील कार्यालय के एक अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो व पंचायत समिति के सहायक अभियंता सहित ग्राम विकास अधिकारी को रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार करने के बाद आज गुरुवार को भरतपुर स्थित एसीबी के विशेष न्यायालय में पेश किया गया। जहां न्यायालय के आदेशों के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम द्वारा पंचायत समिति बामनवास में कार्यरत सहायक अभियंता महेश गोयल एवं ग्राम पंचायत टूंडीला के ग्राम विकास अधिकारी रिंकेश गर्ग को 60 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इसी तरह एसीबी टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार आर्य के नेतृत्व में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की दूसरी टीम द्वारा तहसील में कार्यरत गिरदावर अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो रमेश चंद सोनी से 20 हजार रुपे की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

Published on:
15 Jul 2022 10:55 am