
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के जोन 9 से बाघ टी 62 बूंदी के रामगढ़ विषधारी अभयारण्य की ओर निकल गया है। गुरुवार को बाघ के पगमार्क इन्द्रगढ़ के पापड़ा वन क्षेत्र में मिले है। वन विभाग ने इसकी पुष्टि भी की है। जानकारी के अनुसार बाघ टी 62 जोन 9 से कमलेश्वर महादेव के रास्ते इन्द्रगढ़ के पापड़ा वन क्षेत्र में पहुंचा है। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने इसकी सूचना उपवन संरक्षक को दी है।
पहले भी जा चुका है रामगढ़
बाघ टी 62 पहले भी रामगढ़ अभयारण्य जा चुका है। यह बाघ 24 अप्रेल 2014 में रामगढ़ की ओर आया था। जहां उसने करीब डेढ़ साल बिताया। इसके बाद वापस रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान आ गया, जहां वह जोन 9 में विचरण कर रहा था।
यह जता रहे संभावना
वन्यजीव प्रेमियों व वनकर्मियों के अनुसार इस क्षेत्र में बाघिन शावकों के साथ रह रही है। ऐसे में संघर्ष की स्थिति से बचने व नई टेरेटरी की तलाश में यह बाघ एक बार फिर से रामगढ़ विषधारी अभयारण्य की ओर निकला है।
यह कहते है वन्यजीव प्रेमी
बूंदी के पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक व पीपुल फॉर एनीमल्स के जिला महामंत्री वि_ल कुमार सनाढ्य ने बताया कि टी 62 पहले भी यहां रह चुका है और यह उसका जाना पहचाना क्षेत्र है। बाघ के इस क्षेत्र में आने से खुशी है।
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टी 62 के पगमार्क इन्द्रगढ़ क्षेत्र में मिले हैं। इस संबंध में सीसीएफ व डीएफओ को जानकारी दे दी गई है।
- कप्तान सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फलौदी क्वांरी, सवाईमाधोपुर