
सवाईमाधोपुर। गत दिनों रणथम्भौर की फलौदी रेंज से टेरेटरी की तलाश मेें बूंदी के रामगढ़ विषधारी अभयारण्य की ओर निकले बाघ टी-62 की आखिरकार घर वापसी हो गई है। वन अधिकायिों को बुधवार को बाघ के पगमार्क फलौदी रेंज के देवपुरा वन क्षेत्र में मिले हैं। ऐसे में बाघ के वापस पुराने इलाके फलौदी रेंज में लौटने से वन अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
बाघ द्वारा शिकार की जता रहे थे संभावना
इंद्रगढ़ वन क्षेत्र में बाघ की टे्रकिंग में जुटी वन विभाग की टीम को कोलघाटा में आखिरी बार बाघ के पगमार्क मिले थे। फिर इसके बाद दो दिनों को वन कर्मियों को बाघ के पगमार्क नहीं मिलने से वन कर्मी बाघ के शिकार कर लेने की संभावना भी जता रहे थे।
जाना पहचाना है क्षेत्र
वन्यजीव प्रेमियोंं ने बताया कि रामगढ़ में बाघों का आना जाना लगा रहता है। पूर्व में भी बाघ टी-62 रामगढ़ जा चुका है उस समय बाघ ने यहा करीब डेढ़ साल का समय बीताया था।
इनका कहना है....
बाघ का रुख फिर से फलौदी रेंज की ओर हो गया है। बाघ के पगमार्क देवपुरा के पास मिले हैं। बाघ की ट्रेकिंग कराई जा रही है। - ओमप्रकाश, रेंजर, इंद्रगढ़ रेंज, रणथम्भौर।