
सवाईमाधोपुर. दशहरा के पावन मौके पर रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों का बूम रहने वाला है। रणथम्भौर पर दशहरा के आसपास रणथम्भौर में पर्यटक बड़ी संख्या में भ्रमण के लिए आने वाले हैं। इसके चलते रणथम्भौर की ऑनलाइन बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है इसके अतिरिक्त रणथम्भौर में अधिकतर होटल फुल है।
छुट्टियों के कारण रहेगी भीड़
इस बार दशहरा का त्योहार 19 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जाएगा। वहीं अधिकतर कार्यालयोंं में पांच दिन का ही कार्य दिवस रहते है ऐसे में तीन दिन की छुट्टियां होने के कारण पर्यटकों की भीड़ अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
15 सालों से नहीं बढ़ाई वाहनों की संख्या
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने बताया कि रणथम्भौर में साल 2002 से ही एक से पांच तक के मुख्य जोनों में वाहनों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। पिछले 15 सालों से मुख्य जोनों में एक पारी में महज आठ पर्यटन वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि पिछले 15 सालों में रणथम्भौर में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है लेकिन इसके अनुपात में वाहनों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। मौजूदा पर्यटन सत्र में रणथम्भौर के बाहरी जोनों में भी वाहनों की लिमिट निर्धारित कर दी गई है। ऐसे में त्योहारी सीजन में पर्यटकों को परेशानी हो सकती है।
बुकिंग से बच रहे ट्रेवल एजेंट
रणथम्भौर में करंट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव होने व वन विभाग व डीओआईटी की ओर से बाहरी जोनों में भी वाहनों की संख्या में वृद्धि करने में आनाकानी करने के कााण पर्यटकों की बुकिंग को लेकर ट्रेवल एजेंटो व होटेलियर्स में भी संश्य बरकरार है। ट्रेवल एजेंट शिशांक सारस्वत ने बताया कि बुकिंग को लेकर असमंजस को लेकर पर्यटकों को तीन दिन में भी जबाब नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में कई पर्यटक बुकिंग निरस्त करवा रहे हैं। वहीं ट्रेवल एजेंट भी पर्यटकों की बुकिंग करने से बच रहे हैं।
15 प्रतिशत बुकिंग हुई निरस्त
होटेलियर्स व टे्रवल एजेंटों से मिली जानकारी के अनुसार नई बुकिंग प्रक्रिया में वाहनों की लिमिट निर्धारित होने से पर्यटन व्यवसाय पर बुरा असर पड़ रहा है। अब तक करीब 15 प्रतिशत बुकिंग निरस्त कराई जा चुकी है। पर्यटक अन्य अभयारण्यों की ओर रुख कर रहे हैं।
इनका कहना है....
दशहरा के दौरान छुट्टियां होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। दशहरा के अवसर पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के रणथम्भौर आने की संभावना है।
- अजीत सक्सेना, उपवन संरक्षक(पर्यटन), रणथम्भौर, सवाईमाधोपुर।