
सवाईमाधोपुर. खण्डार क्षेत्र के गण्डावर, बोहना व बिणजारी में पिछले एक पखवाड़े से विभाग द्वारा माने जा रहे वायरल से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिणजारी में शनिवार को दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। मृतक राजेश (7) पुत्र रामप्रसाद महावर एवं मुस्कान (6) पुत्री रामकेश मीना है। ऐसे में क्षेत्र में मौतों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि चार अभी भी भर्ती है।
इनमें बोहना गांव निवासी शिवानी (11), मोहित मीना (10) है। वहीं सवाईमाधोपुर नीमली निवासी किष्किंधा (40) व एक बौंली निवासी विकास है। इनमें तीन जनों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि विकास का अन्य जगह पर उपचार चल रहा है। भर्ती रोगियों की जांच में गलघोंटू की पॉजीटिव रिपोर्ट आई है।
हर बच्चों को खिलाएंगे टेबलेट
खण्डार क्षेत्र के गण्डावर, बोहना व बिणजारी क्षेत्र में मौत के बाद चिकित्सा विभाग ने इन गांवों में बीमारी से पीडि़त बच्चों व अन्य लोगों को एजीप्रोमाइथीन एवं इरिथो दवाई खिलाने का निर्णय किया है। इससे बीमारी पर अंकुश लग सकेगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर भी चिकित्सा टीम को निर्देश दिए गए है।
40 साल तक पहुंची बीमारी
क्षेत्र में बीमारी से पहले केवल 10 से 12 साल तक के बच्चों में ही यह बीमारी देखने को मिल रही थी, लेकिन अब यह बीमारी 40 साल के उम्र के लोगों तक भी पहुंच गई है। शनिवार को अस्पताल में इस बीमारी से पीडि़त एक व्यक्ति की आयु 40 वर्ष थी।
फिर अंधविश्वास के चक्कर में ग्रामीण
खण्डार क्षेत्र के गण्डावर, बोहना व बिणजारी में वायरल बीमारी से लगातार मौत हो रही है, जबकि ग्रामीण चिकित्सकों से जांच कराने के स्थान पर अंधविश्वास के चलते बच्चो का झाड़-फूंक करवा रहे है। बिणजारी निवासी राजेश की तबियत खराब होने पर परिजन उसे इटावा बालाजी के पास लेे गए। इसके बाद ज्यादा तबियत खराब होने पर बहरावण्डा खुर्द ले गए लेकिन उसे रास्ते में ही दम तोड़ दिया। चिकित्सकों का कहना है कि ग्रामीण अस्पताल में उपचार कराने की बजाय अंधविश्वास में पड़ रहे है। इससे भी बच्चो को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। इधर, चिकित्सकों की टीम पहले गलघोंटू को सामान्य मान रहे थे और रिपोर्ट भी नेगेटिव आ रही थी लेकिन अब नए भर्ती हो रहे रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इससे क्षेत्र में बीमारी का खतरा बना है।