सवाई माधोपुर

तीन साल से फाइलों में अटकी दो मंजिला पार्किंग

तीन साल से फाइलों में अटकी दो मंजिला पार्किंग
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जिला अस्पताल में पार्किंग।
सवाईमाधेापुर जिला अस्पताल में पार्किंग।

सवाईमाधोपुर. राजकीय सामान्य चिकित्सालय में करीब तीन साल से दो मंजिला पार्किंग फाइलों में ही अटकी हुई है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से अक्टूबर 2015 में इसके लिए दस करोड़ का बजट जारी किया गया था। इतना ही नहीं इसकी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी हो गई थी। इसके बाद भी तीन साल बीत जाने के बाद भी अब तक अस्पताल में दो मंजिला पार्किंग का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे लोगों को वाहन खड़ा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


पार्किंग में बेसमेंट का भी होना था निर्माण
जिला अस्पताल परिसर में वर्तमान में बन रहे दो पार्कों के स्थान पर दो मंजिला पार्किग बनाई जानी थी। इसमें बेसमेंट व ग्राउण्ड फ्लोर बनाए जाने की योजना थी। आवागमन में असुविधा ना हो इसके लिए वाहनों को पार्किंग में ले जाने व पार्किंग से बाहर निकालने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाने थे। यह पार्किंग करीब 80 गुणा 50 क्षेत्र में बनाई जानी प्रस्तावित थी।


एक हो गई बंद
पूर्व में जिला अस्पताल में दो पार्किंग संचालित थीं, लेकिन गत दिनों एक पार्किंग को बंद करके वहां पर्ची काउंटर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल में वर्तमान में एक ही पार्किंग है। यहां भी वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण जगह कम पड़ रही है।


जगह चयन को लेकर अटका मामला
पूर्व में पार्किंग जिला अस्पताल में वर्तमान में संचालित पार्किंग के स्थान पर ही बनाई जानी प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में अस्पताल के सामने दो मंजिला पार्किंग बनाने से अस्पताल का स्वरूप बिगडऩे व अण्डर ग्राउण्ड बनाने में पानी की समस्या के चलते इस जगह के स्थान पर एनआएचएम ने दूसरी जगह मांगी। अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें दूसरी जगह उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में पार्किंग का निर्माण अटका हुआ है।


हो चुके हैं हादसे
जिला अस्पताल में वाहनों के इधर-उधर बेतरतीब खड़ा रहने से गंभीर रोगियों को वाहनों से उतारने में असुविधा होती है। 108 एंबुलेंस चालकों ने बताया कि जिला अस्पताल में निजी एम्बुलेंस के जमावड़े के चलते वे रोगी को समय पर अस्पताल में भर्ती नहीं करा पाते हैं। पार्किंग के अभाव में जिला अस्पताल के सामने बहार सड़क किनारे निजी एम्बुलेंस खड़ी रहती है। इससे मार्ग संकरा होने के कारण हादसे की संभावना रहती है।पूर्व में भी एक बार मोड़ पर एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी दो एंबुलेंस को टक्कर मार दी थी।


पार्किंग का निर्माण एनआरएचएम की ओर से कराया जाना था। बजट भी उनके पास ही आया था। ऐसे में पार्किंग अब तक क्यों नहीं बनी इस बारे में जानकारी नहीं है।
डॉ. रंगलाल मीणा, पीएमओ, जिला अस्पताल, सवाईमाधोपुर।


पूर्व में निर्धारित जगह पर पार्किंग बना पाना संभव नहीं था। ऐसे में अस्पताल प्रशासन से पार्किंग के लिए दूसरी जगह मांगी गई है। लेकिन अब तक जगह फाइनल नहीं होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
आशाराम मीणा, सहायक अभियंता, एनआरएचएम, सवाईमाधोपुर।

Updated on:
25 Apr 2019 03:23 pm
Published on:
25 Apr 2019 03:23 pm
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