विज्ञान और टेक्नोलॉजी

एआई से घर खरीदने- बेचने की प्रक्रिया करेंगे आसान

जोसेफ सिरोश भारतीय मलू के अमरीकी नागरिक हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जाने माने एक्सपर्ट हैं। भारत में कृषि और चिकित्सा क्षेत्र के लिए करेंगे काम
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Updated: 12 Jan 2019, 4:19 AM IST
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जोसेफ सिरोश भारतीय मलू के अमरीकी नागरिक हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जाने माने एक्सपर्ट हैं। हाल ही दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से इस्तीफा देकर न्यूयॉर्क की रियल एस्टेट कंपनी कंपास के साथ चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के तौर पर काम शुरू किया है। ये घर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को तकनीक की मदद से आसान करेंगे। इसकी जानकारी ट्विटर अकाउंट से दी है।

इनकी बनाई तकनीक से जिस क्षेत्र में कोई घर बिकने वाला होगा और कंपास ऐप इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति जब उस घर के बीस फीट के दायरे से गुजरेगा तो ऐप पर उस घर से संबंधित सभी तरह की जानकारी मिलने लगेगी। खास बात ये है कि इसकी जानकारी घर बेचने वाले व्यक्ति को भी मिल जाएगी और दोनों चाहें तो एक दूसरे से उसी वक्त संपर्क कर सकते हैं। अब टेक्नोलॉजी और सेंसर से इसे और एडवांस्ड करने में लगे हैं। इसके साथ ही मशीन लर्निंग तकनीक से घर की तस्वीर को भी बेहतर ढंग से देख सकते हैं। इससे व्यक्ति का काफी समय बचेगा और घर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में कुल समय का केवल 11 फीसदी समय ही खर्च करना पड़ेगा। ये ऐप की मदद से रियल इस्टेट मार्केट को बदल देना चाहते हैं जहां बेचने वाले से लेकर खरीदार और बिचौलिये का काम आसान हो जाएगा। इन्होंने एक साक्षात्कार में कहा है कि भारत में भी इस तकनीक की मदद से कई क्षेत्रों की स्थिति को सुधारना चाहते हैं।

इनका मानना है कि भारत में सबसे पहले तीन क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बहुत अधिक जरूरत है जिससे हालात ठीक हो सकते हैं। इसमें सबसे पहले कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा का क्षेत्र है जिसमें एआई का इस्तेमाल किया जाए तो देश की बुनियाद को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इनका मानना है कि तकनीक व्यवस्था को व्यापक बनाने का काम करती है जिसका कम से कम समय में बेहतर परिणाम मिलता है। खास बात ये है कि इस तरह के बदलाव से देश के लाखों युवाओं को अच्छी नौकरियां भी मिलेंगी।

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