
लड़ाकू विमान तो हर देश के पास है लेकिन अमरीका के पास दुनिया का सबसे महंगा और आधुनिक लड़ाकू विमान है। इस लड़ाकू विमान की कीमत करीब पांच हजार 415 करोड़ रुपए (करीब 737 मिलियन अमरीकी डॉलर) है। बी-2 स्प्रिट स्टील्थ बॉम्बर लड़ाकू विमान की खासियत ये है कि ये हर परिस्थिति में हमला कर दुश्मन का नामों निशान मिटा सकता है। अमरीकी वायुसेना के पास ये 21 जंगी विमान हैं। योजना है कि 2030 तक बीस और लड़ाकू विमान को बेड़े में शामिल करना है। पहली बार इस लड़ाकू विमान का इस्तेमाल 1999 में कोसोवो युद्ध में हुआ था। इसके बाद अफगानिस्तान, ईराक और लिबिया में इस जंगी विमान का इस्तेमाल अमरीकी सेना दुश्मनों के खिलाफ कर चुकी है।
सही जगह पर बम और मिसाइल गिराने में सक्षम
बी-2 जंगी विमान की खासियत ये है कि इसकी मदद से जिस स्थान को चिन्हित किया जाता है उसी स्थान पर मिसाइल या बम गिराने में सक्षम है। जानकारों का मानना है कि इतनी सटीकता किसी भी दूसरे जंगी विमान में नहीं होती है। इस विमान से परमाणु बम को भी छोड़ा जा सकता है जिससे विमान और पायलट को नुकसान नहीं होता।
दो पायलटों के बैठने की जगह
बी-2 स्प्रिट लड़ाकू विमान में दो पायलटों के बैठने की जगह है। इस विमान में 230 किलो के 80 बम या 1100 किलो के 16 जीपीएस गाइडेड बम को रखा जा सकता है। इस जंगी विमान का निर्माण एडवांस्ड टेक्नोलॉजी बॉम्बर प्रोजेक्ट के तहत हुआ था। 50 हजार फीट (करीब 15 हजार मीटर) की ऊंचाई से हमला कर सकता है और एक बार में ग्यारह हजार किमी. की उड़ान भर सकता है। एक बार उड़ान भरने के साथ 45 हजार किलो. ईंधन अपने साथ ले जा सकता है। इस जंगी विमान में हवा में भी ईंधन भरा जा सकता है।
डिजाइन करने वाले इंजीनियर को जेल
इस जंगी विमान को डिजाइन करने वाले इंजीनियर नोशिर गोवाडिया को अक्टूबर 2005 में विमान की डिजाइन और उसकी खूबियों संबंधी जरूरी जानकारी को लीक करने का आरोप लगा था। जांच के बाद गोवाडिया दोषी पाए गए थे। इस आरोप में अमरीकी सत्र न्यायालय ने उन्हें 32 वर्षों की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।