
Anand Mahindra's Samosa Tweet: गर्मागर्म तले हुए समोसे के दीवानों की संख्या भारत में अनगिनत है। बच्चे हों या बूढ़े, समोसा हर किसी को पसंद है। छुट्टी हो या पिकनिक, मेहमान आए हों या दोस्त, समोसे के स्वाद के बिना कोई भी पार्टी पूरी नहीं होती। अब इसके दीवानों में अब महिन्द्रा ग्रुप के चेयरमैन आनन्द महिन्द्रा का नाम भी जुड़ गया है। महिन्द्रा ने हाल ही अपने एक ट्वीट में 'निर्णय वृक्ष' (Decision Tree) साझा किया है। इस 'निर्णय वृक्ष' का हर निर्णय समोसा खाने पर ही खत्म होता है। महिन्द्रा के इस ट्वीट पर लोगों के मजेदार जवाब आ रहे हैं। आइए जानते हैं इस 'निर्णय वृक्ष' के बारे में।
'दैत्य पसंद करते हैं' से 'दैत्य आधा छोड़ते हैं' तक
अपने निर्णय वृक्ष में महिन्द्रा ने समोसा खाने के एक से एक बढ़कर बहाने दिए हैं। जिनमें 'दैत्य समोसा पसंद करते हैं' से लेकर 'कौन समोसा आधा खाकर छोड़ता है: एक दैत्य' तक शामिल हैं। वहीं, मां सोचती है कि मैं समोसा खाने का हक रखता हूं, मैं मां को निराश नहीं कर सकता जैसे तर्क भी दिए गए हैं। समोसा पिछले दिनों ट्विटर पर जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रहा था। समोसे को लेकर तरह-तरह के मीम्स भी शेयर किए गए।
फारस से आया समोसा
फारसी (ईरानी) भाषा के 'संबोसाग' से निकला हुआ शब्द है समोसा। इतिहासकारों के मुताबिक, महमूद गजनवी के शाही दरबार में एक नमकीन पेस्ट्री परोसी जाती थी। इसका तिकोना होता था। फारसियों के आगमन पर संबोसाग भी भारत आ गया।