
नई दिल्ली। चाइना ने हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रखा। इस देश को पूरी दुनिया में सबसे आगे रहने की लत सी लग गई है। और इस बात को तो कोई नहीं झुठला सकता कि चीन टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया के किसी भी विकसीत देश से कम नहीं है फिर बात चाहे जमीन पर हो या अंतरिक्ष की। हर जगह चीन का दबदबा बना हुआ है यह यह देश किसी
को आगे आने ही नहीं देता। यह बात भी सभी जानते हैं कि दुनिया में सबसे तेज स्पीड से चलने वाली बुलेट ट्रेन चीन की ही देन है। लिस्ट बस यही नहीं है इसके अलावा और भी कई चीज़ें हैं जिसका निमार्ण सबसे पहले चीन ने ही किया है। चीन रेल कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2013 में इस तरह की ट्रेन की डिजाइन बनाने की शुरुआत की थी। यह देश प्रदूषण से काफी जूझ रहा है ऐसे में यह ट्रेन उनके लिए वरदान साबित होगी।
इस ट्रेन का अविष्कार पर्यायवरण की दृष्टि से यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है जिससे ईंधन के साथ-साथ किराए में भी कमी देखने को मिलेगी।
इस ट्रैकलेस ट्रेन की खासियत...
- 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह ट्रेन चलेगी।
- इस ट्रेन में एक बार में 300 यात्री सफर कर सकते हैं।
- इस ट्रेन को बस और ट्राम की तरह बनाया गया है। यह बस से अधिक यात्रियों को ले जा सकती है।
- इस ट्रेन को चलाने के लिए सड़क के अंदर ही सेंसर फिट किए जाते हैं।
- ट्रेन में तीन कोच दिए गए हैं, स्मार्ट ट्रेन के अंदर भी यात्री एक कोच से दूसरे कोच में जा सकते हैं।
- एक किलोमीटर की कॉस्ट 17 से 23 मिलियन यूरो है।
चीन ऐसा देश है जहां छोटे शहरों में सबवे का निमार्ण करना काफी मुश्किल और महंगा है उन जगहों पर ऐसी ट्रेनें काफी कारगार साबित हुई है। एक और बात बता दें अब तक इन ट्रेनों को चलाने के लिए ड्राइवर रखे गए थे लेकिन 2018 तक चीन सरकार इसे ऑटोमैटिक ट्रेन में बदलने जा रही है।