
नई दिल्ली। अमेरिका लगातार चीन का निशाना बना हुआ है। साइबर, इलेक्ट्रॉनिक और मनोवैज्ञानिक मोर्चों पर युद्ध की कवायद के साथ ही चीन अब स्पेस में भी अपना पैर पसार रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी (CMSA) को पिछले महीने ही चीन के स्पेस स्टेशन (Space Station of China) के पहले मॉड्यूल Tianhe के लिए हरी झंडी भी दे दी गई है।
इसके साथ चीन जल्द ही अपना पहला स्पेस स्टेशन भी लांच कर देगा। खबरों की माने तो ये स्पेस स्टेशन 2021 में लांच हो सकता है और ये 380 किलोमीटर के अल्टिट्यूड पर कक्षा में 41 से 43 डिग्री तक झुकाव के साथ तैयार होगा।
ग्लोबल टाइन्स के मुताबिक CMSA ने इस स्टेशन के लिए 18 नए अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को चुन भी लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के इस फैसले के बाद अमेरिका बौखलाया हुआ है।
जानकारों के मुताबिक अमेरिका को डर है कि चीन अब अंतरिक्ष को जंग का मैदान बनाने की तरफ बढ़ रहा है। कुछ महीनों पहले अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने भी चीन पर अंतरिक्ष में युद्ध संबंधी नीतियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।
वहीं अमेरिका के इन आरोपों के बाद चीन की वायु सेना के मेजर जनरल कायो लियांग ने मीडिया में कहा था कि अमेरिका यह सोचता है कि वह चीन को हथियारों की रेस में घसीटकर सोवियत की तरह उसे नेस्तनाबूद कर देगा लेकिन ऐसा करना उसकी भूल होगी क्योंकि जो नेस्तनाबूद होगा, वह चीन नहीं होगा।
बता दें वॉशिंग्टन के एक थिंक टैंक ने भी कहा था चीन अंतरिक्ष शक्ति के मामले में अमेरिका और रूस से पीछे ज़रूर है, लेकिन साल 2030 तक चीन अव्वल हो सकता है। इसके लिए चीन बहुत ही तेजी से काम कर रहा है।