विज्ञान और टेक्नोलॉजी

रोबोट की मदद से कोख का हुआ प्रत्यारोपण, चिकित्सा क्षेत्र में एक अनोखी खोज

स्वीडिश महिला के गर्भाशय का हुआ प्रत्यारोपण मां बनने वाली स्वीडिश महिला का 14वां केस है गुप्त रखी गई गर्भ ट्रांसप्लांट करने वाली महिला की डिटेल
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रोबोट की मदद से कोख का हुआ प्रत्यारोपण, चिकित्सा क्षेत्र में एक अनोखी खोज

नई दिल्ली : चिकित्सा के क्षेत्र में ऐसा पहली बार हुआ है कि डॉक्टरों ने रोबोट (robot ) की मदद से एक स्वीडिश महिला के गर्भाशय का प्रत्यारोपण किया है। इस प्रक्रिया को साल 2017 में स्वीडन में शुरू किया गया था। जिसमें एक ब्रेन (brain ) डेड महिला का गर्भाशय को दूसरी 36 वर्षीय महिला को लगाया गया था। 10 महीने पहले उसकी प्रजनन क्षमता संबंधी टेस्ट (test ) किए गए थे। उसके बाद उसने आईवीएफ टेक्नोलॉजी के जरिए गर्भधारण किया था।

सहलग्रेन्स्का यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने दुनिया भर में गर्भाशय प्रत्यारोपण करने के बाद अब तक कुल 13 शिशुओं का जन्म हुआ है। इस लिहाज से मां बनने वाली स्वीडिश महिला 14वीं होगी, जो गर्भ प्रत्यारोपण के बाद बच्चे को जन्म देगी। हालांकि, यह मामला अहम इसलिए है क्योंकि पहली बार रोबोट की मदद से इस प्रक्रिया को किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महिला के नाम और उम्र का खुलासा नहीं किया गया है। गौरतलब है कि 18 अक्टूबर 2018 को भारत के पुणे में स्थित एक निजी अस्पताल में देश के पहले गर्भ प्रत्यारोपण के बाद 1.4 किलोग्राम वजनी बच्चे का जन्म हुआ था। डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी के जरिये प्रसव कराया था।

गर्भाशय प्रत्यारोपण एक शल्य प्रक्रिया है, जिसमें प्राकृतिक तरीके से मां बनने में अक्षम महिला के शरीर में दूसरी महिला के गर्भ को निकालकर प्रत्यारोपित किया जाता है। इस मामले में रोबोट की मदद से कीहोल सर्जरी के साथ इस प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था, जो बाद में गर्भवती हुई। जन्म के समय बच्चे का वजन 2.9 किलो निकला।

Updated on:
12 Apr 2019 06:00 pm
Published on:
12 Apr 2019 05:45 pm