
नई दिल्ली। अक्सर आपने हैकर्स (hacker's) के जरिए बैंक का डाटा ( data ), इंटेलिजेंस ब्यूरो का डाटा ( Intelligence Bureau ) और मोबाइल फोन ( mobile phone ) का डाटा या उससे संबंधित इंफॉर्मेशन ( information ) को चुराने के बारे में सुना होगा, लेकिन अब नासा ( nasa ) भी इन हैकर्स का शिकार हो गया है।
बता दें कि अमरीकी ( American ) अंतरिक्ष ( space ) एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस (नासा) ने अपने सर्वर के हैक होने की जानकारी मीडिया को दी और इस जानकारी को एक अधिकारी ने साझा की थी। एक रिपोर्ट के अनुसार- हैकर्स ने इन डाटा की चोरी करने के लिए गलत तरीके से एजेंसी में एंट्री ली और मंगल मिशन से संबंधित डाटा की चोरी कर ली। यह घटना पिछले साल अप्रैल 2018 में हुई थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हैकर्स ने करीब 500 एमबी डाटा चोरी किया है। इसके साथ ही हैकर्स ने एक छोटी-सी डिवाइस (रास्पबेरी पाई) के जरिए नासा के जेट प्रोपल्सन प्रयोगशाला (जेपीएल) के आईटी नेटवर्क को भी सेंध लगा दी।
बता दें कि ओआईजी की एक रिपोर्ट में हैकर ने जेपीएल नेटवर्क में जाने के लिए एक शेयर्ड नेटवर्क गेटवे का इस्तेमाल किया। जब इन सब से हैकर्स का जी नहीं भरा तो उसने नेटवर्क तक पहुंच कर जहां-जहां मंगल अभियान से संबंधित जानकारियां मौजूद थीं, वहां भी सेंध लगा दी।
नासा के जेपीएल विभाग का मुख्य काम सौर मंडल में ग्रहों की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों और विभिन्न सैटेलाइट पर नजर रखना है। बता दें डीप स्पेस नेटवर्क, दुनियाभर में मौजूद सैटेलाइट डिश का नेटवर्क है जिसका इस्तेमाल नासा के अंतरिक्ष यान से सिग्नल भेजने और प्राप्त करने के लिए होता है।
मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं के अनुसार- जेपीएल के मिशन नेटवर्क तक पहुंचने के अलावा हैकर ने अप्रैल 2018 में जेपीएल के डीएसएन आईटी नेटवर्क तक भी अपनी पहुंच बनाई।
वहीं हैकर ने जेपीएल और डीएसएन से कनेक्टेड कई और नेटवर्क को भी डिस्कनेक्ट कर दिया है। वहीं यह भी डर है कि हैकर कहीं मुख्य सर्वर में भी सेंध ना लगा दें।