
नई दिल्ली। स्वस्थ और खुश रहने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। तनाव भरी जिंदगीं में अपने को खुश रखना बेहत मुश्किल हो गया है। इस वजह से लोगों की उम्र में इसका बहुत बड़ा असर पड़ता है।
एक अध्ययन में एक बात सामने आई है कि लंबी उम्र पाने के लिए अपने साथ-साथ आपके जीवन साथी का खुश रहना बेहद जरूरी है। नीदरलैंड की एक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ने बताया कि "यह शोध इंसान के सेहत पर उसके आस-पास होने वाले सामाजिक माहौल को रेखांकित करता है।
एक पत्रिका में प्रकाशित हुए अध्ययन के मुताबिक सकारात्मक जीवन जीने वाले लोग खुद की जीवनशैली (lifestyle ) को भी सकारात्मक तरीके से जीते हैं। इस बारे में स्तावरोवा का कहना है कि वहीं आपका जीवनसाथी तनाव से ग्रसित है तो वह टी.वी के सामने चिप्स खाकर अपना दिन काट लेगा और बाकि समय भी इसी तरह से व्यतीत करेगा। इसके लिए तकरीबन चार हजार चार-सौ चालीस दंपत्तियों के आकड़ों का अध्ययन किया जो पचास साल की आयु के थे।
आकड़ों को इक्कठा करने के आठ साल बाद 16 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो चुकी थी। जो लोग मर चुके थे वे जीवित प्रतिभागियों की तुलना में बुजुर्ग थे। इसके साथ ही कम शिक्षित, कम पैसे वाले,कम एक्टिव ( active )और खराब सेहत वाले थे। जो लोग जीवित थे उनकी तुलना में निधन हुए व्यक्ति अपने विवाहिक जीवन और संबंधों से कम खुश थे।
अध्ययन (reasearch ) में पता चला है कि जिनके जीवनसाथी संतुष्ट थे वो शुरुआत में जीवन से खुश थे।जिसके कारण उनके मरने का खतरा भी कम हो गया।