
नई दिल्ली। कोरोना (Coronavirus) के प्रकोप से भले ही दुनिया अस्त-व्यस्त हो, लेकिन इस दौरान आसमान में घटने वाली अनोखी खगोलीय घटना (Astronomical Event) आपको कुछ पल का सुकून जरूर दे सकती हैं। खगोलविदों के अनुसार 7 मई को इस साल का आखिरी सुपरमून दिखाई देगा। वैज्ञानिकों ने इसे 'सुपर फ्लावर मून' (Super Flower Moon) नाम दिया है, क्योंकि यह समय फूलों के खिलने का होता है।
मालूम हो कि इससे पहले अप्रैल में सुपरमून (Supermoon) नजर आया था, जिसे पिंक मून नाम दिया गया था, लेकिन जो लोग उस दौरान इस अद्भुत नजारे को देखने से चूक गए हैं। उनके लिए एक अच्छा मौका है। इस दिन चांद अपने सामान्य आकार से कई गुुना ज्यादा बड़ा दिखाई देगा। साथ ही इसकी चमक भी ज्यादा होगी।
नासा के वज्ञानिकों के अनुसार इस बार सुपरमून देखने के लिए लोगों को काफी समय मिलेगा। सुपरमून को गुरुवार से लेकर अगले दिन शुक्रवार तक देखा जा सकेगा। चंद्रोदय और चंद्रास्त के वक्त सुपरमून का नजारा सबसे खास होगा। 'ट्रैवल प्लस लीज़र' की रिपोर्ट के मुताबिक सुपरमून का ग्लोबल टाइम सुबह 6:45 बजे है। भारतीय समयनुसार यह सुपरमून आसमान में शाम को करीब सवा चार बजे से दिखेगा। इस बार सुपरमून का रंग शुरुआत में थोड़ा गुलाबी रहेगा। इसके बाद इसका रंग थोड़ा संतरी और हल्का पीला भी हो सकता है।