
नई दिल्ली। वैसे तो अक्सर अंतरिक्ष में कई उल्कापिंड टूटकर इधर-उधर बिखर जाते हैं, लेकिन यही तब खतरे में बदल जाते हैं जब इसकी टक्कर पृथ्वी से हो। मगर उल्कापिंडों (Meteorites) की ये बारिश धरती पर रहने वालों के लिए बंद किस्मत के ताले की चाबी भी साबित हो सकते हैं। तभी ब्राजील के एक गांव में मिले अनगिनत उल्कापिंडों ने वहां रहने वालों की तकदीर बदल कर रख थीं। उन्होंने इन बेशकीमती पत्थरों (Costly Stones) के टुकड़ों को मुंह मांगी कीमत पर बेचा। माना जा रहा है कि कई पत्थरों की कीमत 19 लाख रुपए से भी ज्यादा है।
बताया जाता है कि ब्राजील (Brazil) के गांव सैंटा फिलोमेना में 19 अगस्त को उल्कापिंड के टुकड़ों की बारिश हुई थी। गांव वालों ने इन पत्थरों को संभालकर रख लिया और जब वैज्ञानिक इनकी जांच के लिए वहां पहुंचे तो गांववालों ने इसके बदले पैसों की मांग की। उन्होंने इसे लाखों रुपए में बेचा। रिसर्च के लिए शोधकर्ताओं ने उन्हें मुंह मांगे दाम देकर उनसे पत्थर खरीद लिए। सबसे बड़े टुकड़े की कीमत 26 हजार डॉलर यानी करीब 19 लाख रुपए है। इसका वजन 40 किलोग्राम है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये टुकड़े उस उल्कापिंड के हैं जो सौर मंडल बनने के समय का है। इन टुकड़ों की जांच से ब्रह्मांड के कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है।
सैंटा फिलोमेना में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 200 से ज्यादा टुकड़े गिरे हैं। 20 वर्षीय छात्र एडिमार डा कोस्टा रॉड्रिग्स ने इस बारे में बताया कि जब उल्कापिंडों की बारिश हो रही थी उस दिन पूरा आसमान धुएं से भर गया था। तभी उन्हें गांव के किसी शख्स ने मैसेज करके इसकी जानकारी दी थी। उनका कहना था कि आसमान से जलते हुए पत्थर गिर रहे हैं। ये उल्का पिंड करीब 4.6 बिलियन साल पुराने हैं। साओ पाओलो यनिवर्सिटी में कैमिस्ट्री इंस्टीट्यूट के गेब्रियल सिल्वा का कहना है कि यह उल्का उस पहले खनिज में से है जिनसे ये सोलर सिस्टम बना है।