विज्ञान और टेक्नोलॉजी

नासा पहली बार चांद पर भेजेगा महिला एस्ट्रोनॉट, साल 2024 में शुरू होगा मिशन मून

Mission Moon : NASA मिशन मून के तहत चांद पर भेजेगा एस्ट्रोनॉट्स, एक महिला और एक पुरुष होंगे इसमें शामिल मिशन 2024 में शुरू होगा। लैंडिंग सिंस्टम तैयार करने के लिए तीन कंपनियों से हुआ करार
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Updated: 2 May 2020, 2:35 PM IST
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Mission Moon

नई दिल्ली। चांद (Moon) पर सबसे पहला कदम रखने वाले शख्स नील आर्म स्ट्रांग को सब जानते हैं। चांद पर दोबारा एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने एक नए मून मिशन की तैयारी की है। जिसमें वह दोबारा इंसान को चांद पर भेजेगा। चंद्रमा तक एस्ट्रोनॉट्स (Astronaut) को पहुंचाने और वापस लाने के लिए नासा ने तीन कंपनियों का चयन किया है। ये कंपनियां लैंडिंग सिस्टम तैयार करेंगी।

नासा अपना यह मिशन 2024 में करेगा। वह चांद की सतह पर एक महिला और एक पुरुष को उतारेगा। नासा ने जिन कंपनियों को चुना है उनके नाम हैं स्पेस एक्स (Space X), ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) और डायनेटिक्स (Dynetics)। स्पेस एक्स के मालिक अरबपति एलन मस्क और ब्लू ओरिजिन के मालिक जेफ बेजोस हैं। तीनों कंपनियां नासा के साथ मिलकर काम करेंगी। शुरुआती डिजाइन तैयार करने के लिए नासा ने तीनों कंपनियों को एक अरब डॉलर यानी 7577 करोड़ रुपए देगी। कंपनियों को दस महीने मे अपनी शुरुआती डिजाइन बनाकर देना होगा।

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्रिडेनस्टाइन ने बताया कि हम पहली बार किसी महिला और पुरुष को चांद पर भेज रहे हैं। अपोलो युग के बाद यह पहली बार है जब नासा के पास मानव लैंडिंग सिस्टम के लिए काफी पैसा खर्च कर रही है। ब्लू ओरिजिन इस डील की प्राथमिक कैंडिडेट हैं। टीम में लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थोप ग्रुम्मेन और ड्रेपर हैं। इनका लैंडर तीन स्टेज का होगा। इसमें बीई-7 क्रायोजेनिक इंजन लगा होगा। वहीं लॉकहीड क्रू केबिन बनाएगा। नॉर्थोप ग्रुम्मेन कार्गो और फ्यूल मॉड्यूल और ड्रेपर गाइडेंस, नेविगेशन, कंट्रोल, एवियोनिक्स और अन्य सॉफ्टवेयर सिस्टम बनाएगा।

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