विज्ञान और टेक्नोलॉजी

3.8 अरब साल बाद दोबारा हुआ बिग बैंग, Gamma Rays के विस्फोट से रौशनी से नहाया सौरमंडल

Gamma Rays Burst : पृथ्वी से 10 अरब वर्ष दूर होने के बावजूद गामा किरणों से निकलने वाली चमक काफी तेज थी वैज्ञानिकों ने SGRB181123B विस्फोट में कई नई जानकारियां की हासिल
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Updated: 18 Jul 2020, 12:49 PM IST
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Gamma Rays Burst

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में इन दिनों कई तरह की खगोलीय घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इसी बीच Gamma Rays के हुए एक बड़े विस्फोट ने खगोलविदों को हैरानी में डाल दिया है। आमतौर पर गामा किरणों (Gamma Rays) के छोटे विस्फोट (Short Bursts) के बाद की चमक (Afterglow) बहुत कम होती है, क्योंकि ये हमारी पृथ्वी से काफी दूर होते हैं। मगर हाल ही में हुए प्रस्फोट ने सारे सिद्धांतों को फेल कर दिया है। क्योंकि इन किरणों के पृथ्वी से 10 अरब वर्ष दूर होने के बावजूद इससे इतनी तेज चमक निकली, कि इससे सौरमंडल रौशनी से नहा उठा।

वैज्ञानिकों ने बताया कि SGRB181123B के विस्फोट में नजारा हैरान करने वाला था। ये पहले हुए प्रस्फोट से काफी अलग था। यह बिगबैंग की घटना के 3.8 अरब साल बाद दोबारा ऐसा नजारा देखने को मिला। शोधकर्ता इसे दूसरा सबसे अधिक दूरी वाला प्रस्फोट (SGRB मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये ऑप्टिकल आफ्टरग्लो (Optical Afterglow) है। ये एक ऐसी स्थिति होती है जो गामा रे बर्स्ट के बाद बनती है। यानी विस्फोट के बाद नजर आने वाली चमक को आफ्टरग्लो कहते हैं।

नॉर्थवेस्टर्न यूनवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिक्स की टीम के सदस्य और इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक वेन फाइ फोंग का कहना है कि इतनी दूर का SGRB के खोज की संभावना बेहद कम होती है। क्योंकि ये बहुत धुंधले होते हैं। आमतौर पर टेलीस्कोप से उनके स्थानीय वातावरण का अध्ययन करने की कोशिश की जाती है जिससे इनके सिस्टम के बारे में जानने में आसानी होती है। ऐसे में इस नए तरह के विस्फोट से भविष्य में होने वाले शोध में काफी मदद मिलेगी।

कब होते हैं SGRB प्रस्फोट
ब्रह्माण्ड में सबसे ज्यादा SGRB प्रस्फोट तब होते हैं जब दो न्यूट्रॉन तारों का विलय होता है। उस वक्त बहुत कम के समय के लिए गामा किरणों का प्रस्फोट होता है। इससे रौशनी निकलती है। खगोलविद साल में केवल सात या आठ SGRB प्रस्फोट ही देख पाते हैं। चूंकि ये हमसे काफी दूर होते हैं और इनसे निकले वाली चमक सिर्फ कुछ घंटे ही रहती है इसलिए इसका बारीकी से अध्ययन करना काफी मुश्किल होता है।

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