Skin Cancer: त्वचा कैंसर होने की कई वजहें बताई जाती हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि स्किन कैंसर कार्सिनोजेन की वजह से होता है, जो सूरज की रोशनी (Sun Rays) का एक महत्वपूर्ण कारण है।
नई दिल्ली।कैंसरcancer होने की कई वजह सुनी होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्किन कैंसर ( skin cancer ) होने का सबसे महत्वपूरण कारण सूरज की रोशनीsun rays भी है। जी हां, स्किन कैंसर से संबंधित विशेषज्ञ और कैंसर रिसर्च ( research ) यूके मैनचेस्टर इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर रिचर्ड मारैस के अनुसार- "जब हम त्वचा कैंसर के बारे में बात करते हैं, तो हम कई तरह की वजहें सोचने लगते हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि स्किन कैंसर कार्सिनोजेन की वजह से होता है, जो सूरज की रोशनी का एक महत्वपूर्ण कारण है।"
दरअसल, स्किन का कैंसर सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी (यूवी) Ultraviolet rays विकिरण के कारण होता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेता है। सूरज की धरतीearth पर सीधी पड़ने वाली विकिरण त्वचा में प्रवेश कर सकते हैं और कोशिकाओं के अंदर डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एक शोध में स्किन कैंसर और यूवी किरणों के बीच के कारण को खोजा गया। जिसमें सबसे पहले डैमेेज डीएनए को कई प्रकार की यूवी किरणों से लिंक किया गया था।
मरैस के अनुसार- "वैज्ञानिक ने अपने परीक्षण में एक ट्यूब के जरिए कोशिकाओं को यूवी किरणों में रखकर एक्सपेरिमेंट किया । जिसमें देखा गया कि सूरज की रोशनी के कारण डीएनए में एक विशेष प्रकार का परिवर्तन हो गया।" लेकिन यह परिवर्तन कार्सिनोजेन्स की वजह था।यूवी विकिरण ने डीएनए पर एक विशेष तरह का चिह्न छोड़ा था। जिसे 'यूवी सिग्नेचर' कहा जाता है।
मरैस के अनुसार— हर तरह के स्किन कैंसर SKIN CANCER में लगभग 30 हजार डीएनए सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से क्षतिग्रस होने का खतरा रहता हैं। "अब निश्चित रूप से स्किन कैंसर के बताए गए कारण कारण गलत हैं। ऐसा जीनों के गलत संयोजनों के आपसी टकराव के कारण होता है, जो कैंसर का रूप ले लेता है।"
अध्ययन के अनुसार- हम जितना अधिक सूरज की किरणों SUN RAYS से अपने स्किन को जलाते हैं, उतना ही स्किन कैंसर होने का खतरा बढ़ने लगता है।"