
नई दिल्ली।नासा (NASA) के वैज्ञानिक (SCIENTIST) अंतरिक्ष (SPACE) में जाकर चांद (MOON) के रहस्यों को सुलझाने में लगे रहते हैं, नासा के अनुसार- चांद के प्राचीन रहस्यों में अब भी कुछ ऐसे सुराग हैं जो जीवन के विकास को सुलझाने में बहुत महत्वपूर्ण सबित हो सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, करीब चार अरब साल पहले सूर्य सौर मंडल की तीव्र विकिरणों, उग्र वेगों, उच्च ऊर्जा वाले बादलों और कणों के घातक प्रकोप से गुजरा था।
एक ही तत्व से हुआ है चांद और पृथ्वी निर्माण
अमरीका ( amrica )में नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के शोधकर्ताओं के अनुसार - इस प्रकोप ने पृथ्वी ( earth )की शुरुआत में जीवन के अंकुरण में मदद की। ऐसा पृथ्वी को गर्म तथा नम रखने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं से हुआ था। इस बात पर सेंटर के तारा भौतिकविद प्रबल सक्सेना ने अपने हैरानी जताते हुए प्रश्न किया कि पृथ्वी की मिट्टी के मुकाबले चंद्रमा की मिट्टी में कम सोडियम और पोटेशियम क्यों है? जबकि चांद और पृथ्वी की संरचना एक समान तत्व से हुई है। इस पहेली को सुलझाने के लिए अपोलो काल के चांद के नमूनों और पृथ्वी पर पाए गए चांद के उल्कापिंडों का विश्लेषण करने से पता लगा, जो वैज्ञानिकों के लिए कई दशकों तक पहेली बना हुआ था।
वैज्ञानिकों का संदेह- चांद की परत में छिपा है सूर्य का इतिहास
नासा के ग्रह संबंधी वैज्ञानिक रोजमैरी किलेन ने अनुसार- 'बेशक पृथ्वी और चांद एक जैसे तत्वों से बने होंगे लेकिन सवाल यह उठता है कि चांद का इन तत्वों में क्षरण ( Erosion ) क्यों हो गया?’ दोनों वैज्ञानिकों ने संदेह जताया कि सूर्य का इतिहास चांद की परत में ही कहीं छिपा हो सकता है।
Updated on:
19 Jun 2019 02:02 pm
Published on:
19 Jun 2019 01:59 pm
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