
सीहोर। पानी की कमी का नुकसान सिर्फ हमें ही नहीं वन्य प्राणियों को भी भुगतना पड़ रहा है। उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर दराज तक भटकना पड़ रहा है। कई बार उनकी यह कोशिश सफल हो जाती है, तो कई बार विफल। इस साल की भयंकर गर्मी ने आधे से ज्यादा जलाशयों को सुखा दिया है। भीषण गर्मी के चलते इस साल इंसानों के साथ जंगली जानवर और पक्षियों को भी पेयजल के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है। जल स्त्रोतों के सूखने के कारण जंगली जानवर भी पेयजल के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। अलग-अलग दो मामलों में एक मोर की पानी नहीं मिलने से प्यास के कारण मौत हो गई, वहीं दूसरे मामले में एक मोर की सड़क दुघर्टना में मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार समीपस्थ ग्राम शिकारपुर में एक मोर अचानक पेड़ से नीचे गिर गया था, ग्रामीणों ने मोर को पानी पिलाया, उसकी देखभाल की लेकिन उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मोर की मौत का कारण प्यास लगने पर पानी नहीं मिलना सामने आया है। इसी तरह इंदौर नाका क्षेत्र के ईदगाह के पास सड़क किनारे एक मोर मृत अवस्था में लोगों को नजर आया था। लोगों ने शिकार की आशंका के चलते इसके संबंध में वन विभाग की टीम को सूचना दी गई थी। वन विभाग की टीम भी बिना देरी किए जांच के लिए पहुंची। वन विभाग की माने तो दोनों मामले में वन अमले ने मौके पर पहुंच कर मृत मोर को अपने कब्जे में ले लिया।
दोनों मामले में वन विभाग के एसडीओ राजेेश शर्मा, वन क्षेत्रपाल हरजीत सिंह मीणा ने बताया कि शिकारपुर गांव से मिले मोर की मौत पानी नहीं मिलने से प्यास के कारण मौत हो गई। इसी तरह इंदौर नाका क्षेत्र से मिले मोर की मौत दुर्घटना के कारण हुई है। दोनों मोर का पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कर दाह संस्कार किया गया।