
सीहोर. जिले के गांव बिजोरा इन दिनों धर्ममय हो गया है। यहां देर रात्रि को रामलीला और दिन में भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। रामलीला के पहले दिन नारद मोह का मंचन किया गया। इसके अलावा भागवत कथा में कथा वाचक पंडित कपिल कृष्ण महाराज ने परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋ षि से श्रापित होने के कारण का वर्णन किया।
नारदजी को मोहित कर देते
मंचन में बताया कि नारदजी विचरते हुए हिमगिरी कैलाश पर पहुंचते हैं और एक स्थान पर तपस्या में लीन हो जाते हैं। इससे इंद्र का सिहासन डोल जाता है। उनके गुप्तचर आकर बताते हैं कि नारदजी तप कर हैं, जिस पर इंद्र को अपना सिहासन छीनने का डर सताने लगता है। वह कामदेव व अप्सराओं को नारदजी का तप भंग करने के लिए भेजते हैं लेकिन विफ ल हो जाते हैं। इससे नारदजी को अभिमान हो जाता है। सभी लोग ब्रह्माजी के पास जाते हैं जो उन्हें भगवान विष्णु के पास भेज देते हैं। भगवान विष्णु विषमोहिनी का रूप धारण कर नारदजी को मोहित कर देते हैं।
प्रहलाद चरित्र का वर्णन किया जाएगा
कथा वाचक पंडित कपिल कृष्ण महाराज ने रविवार को कथा के दूसरे दिन कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। इस तरह का नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋ षि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को प्रहलाद चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
कलश यात्रा के साथ शुरू हुई भागवत कथा
इछावर. ब्लॉक के ग्राम बावडयि़ागोसाई में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत हुई। कथा सुनने को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा का वाचन करते हुए गुरु योगी मानक नाथ ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न महत्वों का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के मन को शांति मिलती है। मनुष्य को धार्मिकता के साथ अपने जीवन में पुण्य करना चाहिए। कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के जीवन में कई परिवर्तन भी होते है और मनुष्य को इसका फल मिलता है। इससे पूर्व महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर बड़ी संख्या मे श्रद्धालु मौजूद रहे।