
सीहोर/शाहगंज। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विगत वर्षों मे अच्छी गुणवत्ता पूर्ण सड़कें बनी है, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है, कृषि की पैदावार में आषतीत बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश आने वाले दिनों में दुनिया के सबसे अग्रणी राज्यों में होगा। इसके लिए सभी को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। वे आज सीहोर जिले के शाहगंज नगर परिषद के तत्वावधान में आयोजित विकास यात्रा के अवसर पर आयोजित आमसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ने विकास कार्यों में सक्रिय सहयोग के लिए शाहगंज की जनता को बधाई दी।
मुख्यमंत्री कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आरंभ की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना (सबंल) के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्र में वार्ड स्तर पर पांच सदस्यीय निगरानी समिति बनाई जाएगी। समिति में एक महिला और एक अनुसूचित जाति जनजाति का व्यक्ति सदस्य रहेगा। समिति इस बात को देखेगी कि योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को मिल रहा है अथवा नहीं। पात्र व्यक्ति संबल योजना का लाभ उठाने से वंचित न रहें, समिति इस बात को भी देखेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के जिन व्यक्तियों का पंजीयन 30 मई तक हो चुका है, उन्हे आगामी 13 जून से योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। हर पंजीकृत भूमिहीन श्रमिक को आवास के लिये पट्टा, मकान बनाने के लिये राषि देने का प्रावधान योजना में किया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की फीस सरकार भरेगी। श्रमिकों के इलाज की व्यवस्था सरकार करेगी। गंभीर बीमारियों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में सरकार करायेगी। इन्होने कहा कि अब पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 200 रू प्रतिमाह बिजली का बिल चुकाना होगा। पुराने बिल माफ कर दिए जाएंगे। इसके लिए जुलाई माह में शिविर लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिक गर्भवती माता को प्रसव के पूर्व 6 से 9 माह की अवधि में 4 हजार रू. पोषण के लिए तथा प्रसव उपरांत 12 हजार रूपए मां और बच्चे के पोषण के लिए दिए जाने का प्रावधान संबल योजना में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सदा कृषक हितैषी नीतियॉ बनाई हैं, तथा किसानों, को उनका लाभ मिल सकें, यह सुनिश्चित किया है। विभिन्न योजनाओ के अन्तर्गत अब तक 20 हजार करोड़ रू. की राशि किसानों के खातों में जमा कराई गयी है। दस जून को मुख्यमंत्री कृषक समृद्वि योजना के अन्तर्गत किसानों के खाते में 265 रू. प्रति क्विंटल के मान से उपार्जित गेहॅू की राशि किसानों के खातों में जमा कराई जाएगी। इसके लिए हर जनपद मुख्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।