
सीहोर। साथी हाथ बढ़ाना एक अकेला थक जाए तो... की तर्ज पर लगातार सीवन नदी पर आमजनों द्वारा श्रमदान किया जा रहा है। यही कारण है कि जिस नदी के घाट पर गंदगी और जलकुंभी नजर आ रही थी। अब वह घाट साफ सुथरा और जलकुंभी रहित
नजर आ रहा है।
पानी और जल स्त्रोतों को बचाने पत्रिका ने पहल की है। पहल के चलते अमृतं जलम् अभियान लोगों के बीच प्रेरणा बन कर सामने आया है। १३ मई से शुरू हुआ अभियान अब पूरी तरह सार्थक होता जा रहा है। सीवन नदी पर आधा दर्जन से अधिक संगठनों के श्रमदान के बाद घाट की रंगत खुद अभियान के सफल होने की कहानी बयां कर रही है।
हनुमान फाटक के सीवन नदी घाट की जलकुंभी और आसपास का कचरा हटने के बाद अधिकांश क्षेत्र साफ सुथरा नजर आ रहा है। वही जलकुंभी हटने से नदी में पानी भी नजर आ रहा है। मंगलवार को क्षेत्र के नागरिकों और एनसीसी के छात्रों ने श्रमदान कर अभियान मेंं सहभगिता निभाई।
इस दौरान सभी लोग बहुत खुश नजर आ रहे थे। सबका कहना था कि पहली हमें ऐसा लग रहा है कि हम कुछ अच्छा कर रहे है। सभी ने पत्रिका के इस अभियान को सराहा।
लगातार बढ़ रहा कारवां
१३ मई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक एक दर्जन संगठनों ने श्रमदान कर अपनी सहभाहिता निभाई जा चुकी है। जल सरंक्षण को लेकर अब आमजन भी जुडऩे लगे हैं। रविवार सेे वार्ड पार्षद कपिल कुशवाहा के साथ क्षेत्र के दो दर्जन लोगों द्वारा लगातार श्रमदान कर रहे हैं।
इसी के चलते बुधवार को लोगों को सफाई करते देख क्षेत्र की कई महिलाएं भी अभियान से प्रेरित होकर जलकुंभी सफाई करने पहुंची। सुभाष स्कूल की एनसीसी नेशनल कैडेट कोर के सुनील लोधी, नितिन मौर्य, दीनदयाल, संतोष प्रजापति, मनीष विश्वकर्मा, रोहित मालवीय, हुकुम सिलावट, भविष्य मालविय सहित अन्य छात्रों ने अभियान में श्रमदान किया।