सीहोर. हिंदू धर्म में गंगा जल का विशेष महत्व है। गंगा नदी को पवित्र और मोक्षदायी माना जाता है। महाकुंभ का गंगा जल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और पुण्य का कार्य होता है, इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। नगर पाालिका ने यह जो पहल की है, यह सनातन धर्म से जुड़े हर व्यक्ति […]
सीहोर. हिंदू धर्म में गंगा जल का विशेष महत्व है। गंगा नदी को पवित्र और मोक्षदायी माना जाता है। महाकुंभ का गंगा जल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और पुण्य का कार्य होता है, इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। नगर पाालिका ने यह जो पहल की है, यह सनातन धर्म से जुड़े हर व्यक्ति की आस्था है। किसी कारण के चलते जो श्रद्धालु महाकुंभ नहीं जा सके हैं, अब वह अपने घर पर ही गंगा के जल से स्नान कर पुण्यलाभ ले सकेंगे । यह बात गुरुवार को शहर के मनकामेश्वर महादेव मंदिर से नगर पालिका के हर हर गंगे-हर घर गंगे… अभियान का शुभारंभ करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कही। उन्होंने बतया नगर पालिका ने 108 कलशों से गंगा का जल मंगाया है, इस जल को शहर के सभी जल स्त्रोत में प्रवाहित किया जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने बताया कि महाकुंभ में पहुंचकर गंगा जल से स्नान करने और महाकुंभ से आए गंगा जल से स्नान करने पर महाकुंभ जैसा ही पुण्य प्राप्त होता है। कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की यह सार्थक पहल है। प्रयागराज महाकुंभ में हमारे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देश और विदेश के साधु-संतों ने आस्था के साथ स्नान किया है। नगर पालिका सीहोर ने हर-हर गंगे-हर घर गंगे कार्यक्रम के तहत मां गंगे कलश यात्रा निकाली है, इस कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला है।
कलश यात्रा गुरुवार सुबह 10 बजे विशेष पूजा-अर्चना अभिषेक के बाद शहर के मनकामेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई। 108 गंगा जल के कलश को शोभायात्रा के रूप में शहर की जीवनदायिनी सीवन नहीं के महिला घाट पर ले गए, यहां पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, शहर के साधु-संतों ने गंगा जल को सीवन नदी में प्रवाहित किया। यह जल काहिरी डैम, जमोनिया जलाशय और भगवानपुरा तालाब में भी प्रभावित किया गया है।