गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल संकट की चिंता सताने लगी है। नगर पालिका पेयजल संकट से निपटने के लिए काहिरी और भगवानपुरा जलाशय में आरक्षित पानी की चोरी रोकने के लिए बोट का सहारा लेने वाली है। नगर पालिका ने योजना बनाई है कि पानी की चोरी रोकने के लिए जलाशय में बोट […]
गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल संकट की चिंता सताने लगी है। नगर पालिका पेयजल संकट से निपटने के लिए काहिरी और भगवानपुरा जलाशय में आरक्षित पानी की चोरी रोकने के लिए बोट का सहारा लेने वाली है। नगर पालिका ने योजना बनाई है कि पानी की चोरी रोकने के लिए जलाशय में बोट डाली जाएगी। नगर पालिका के कर्मचारी रोज बोट से पूरे जलाशय का भ्रमण कर पानी चोरी रोकेंगे। शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और नगर पालिका सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित ने काहिरी डैन और भगवानपुरा जलाशय का निरीक्षण किया।
सीएमओ दीक्षित ने अमले को सख्त निर्देश दिए कि जलाशय से कोई शहर की पेयजल सप्लाई के लिए आरक्षित पानी चोरी करते पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाए। नगर पालिका अभी शहर में दो दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रही है। शहर में जल वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नदी, नाले और डैम में बड़ी-बड़ी पानी की मोटर डाल कर कुछ किसान पानी की चोरी कर रहे हैं। यदि इसी रफ्तार से पानी की चोरी होती रही तो आने वाले दिनों में शहर के लिए आरक्षित पानी भी खत्म हो जाएगा। भीषण गर्मी के दौर में जलसंकट गहराने के हालात बन सकते हैं। जलाशय के निरीक्षण में जलसभापति संतोष शाक्य, सहायक इंजीनियर विजय कोली, मांगीलाल मालवीय और लोकेन्द्र वर्मा आदि शामिल थे।
नगर पालिका सीएमओ भूपेन्द्र दीक्षित ने बताया कि नगर पालिका बोट के जरिए पानी चोरी करने वाले किसानों पर नजर रखेगी। इसके लिए पूरी योजना बनाई गई है। काहिरी और भगवानपुरा जलाशय में एक-एक बोट रहेगी। एक बोट पर दो कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। यह कर्मचारी नियमित रूप से बोट के जरिए सीहोर जिले की सीमा में और शाजापुर बॉर्डर से पानी की चोरी करने वाले किसानों पर नजर रखेंगे। यदि कोई करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। नगर पालिका शहर को जल संकट से बचाने का पूरा प्रयास करेगी।
शहर की आबादी करीब दो लाख है। हर साल गर्मी के सीजन में भीषण पेयजल संकट झेलना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन क्षेत्र में होती है, जहां नगर पालिका की सप्लाई नहीं है। निजी बोर और हैंडपंप मार्च अंत तक सूख जाते हैं। इस बार तो फरवरी के पहले सप्ताह से भी बोर सूखने लगे हैं। अभी शहर के करीब 25 फीसदी बोर सूख चुके है। भू-जल स्तर काफी तेजी से गिर रहा है। गर्मी के सीजन में शहरवासियों को टैंकर से पानी खरीदकर जल आपूर्ति करनी पड़ती है। शहर में जल आपूर्ति के लिए नर्मदा पार्वती लिक परियोजना का काम चल रहा है, यह काम पूरा होने के बाद शहर का पेयजल संकट हमेशा के लिए दूर हो जाएगा।