250 टन के ट्रांसफार्मर को निकालने आई टीम

इस कंपनी के पास विशेष रुप से बनाया गया जैक है जिसके जरिए आहिस्ता-आहिस्ता कर इस ट्रांसफार्मर को उठाया जा रहा है।

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Sep 12, 2016
patrika

सिवनी
. खाई में गिरे एक ढाई सौ टन के विशालकाय ट्रांसफार्मर को निकालने में ट्रांसपोर्ट कंपनी के पसीने छूट रहे हैं। आखिरकार इसे निकालने के लिए एक विशेष दल को बुलाया गया है। इस टीम को भी 50 फीट की गहरी खाई में गिरे इस ट्रांसफार्मर को निकालने में कमसे कम दो सप्ताह का और वक्त लगेगा। कंपनी को इस तरह के कामों में महारत हासिल है। सारे देश में इस तरह का कोई हादसा होने की दशा में इसी कंपनी को याद किया जाता है।

कश्मीर से कन्याकुमारी जाने वाला एक मात्र सीधा मार्ग एनएच सेवन रोड जिसमें कई जगह आज भी आधी अधूरी फोर लाइन और टू लाइन है। जिस वजह से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते टू लाइन सड़क के परखच्चे उड़ गए हैं तो कहीं अंधा मोड़ और घाटी होने की वजह से हादसों के कारण बने हुए हैं। एनएच सेवन रोड स्थित बंजारी घाटी मोड़ के पास अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जिसमें कई लोगों की जानें जा चुकी है। कई बड़े वाहन मोड़ में जाकर खाई में गिरने से छतिग्रस्त हो गए और उस पर रखा लोड और ट्रांसपोर्ट का सामान भी बुरी तरह बर्बाद हो गया।

इसी तरह के एक हादसे में पिछली 22 अगस्त को बड़े से ट्रॉले में ट्रांसफार्मर रखकर हैदराबाद से वेस्ट बंगाल ले जाया जा रहा था। रास्ते में अनिंयत्रित होकर वह ट्राला बंजारी घाटी की खाई में जा गिरा जिसको निकालने के लिए पिछले 15 दिन से ट्रांसपोर्ट कंपनी और एनएचएआई के अधिकारियों के पसीना छूट रहे हैं लेकिन अब तक वह निकाला नहीं जा सका है। जिसको निकालने के लिए पुणे महाराष्ट्र की रेस्क्यू एक्सपर्ट टीम बुलाई गई है। जो जैक की मदद से बिना किसी क्रेन के निकाला जा रहा है। महाराष्ट्र की संगम महेश्वरी कंपनी के इंजीनियर प्रशांत मुंडे ने बताया कि ट्रांसफार्मर का वजन लगभग 250 टन है। जिसे निकालने में अभी 12 से 14 दिन और लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसको निकालने के लिए हमारी कंपनी 25हजार रुपए प्रतिदिन ट्रांसपोर्टर से लिया जाता है। जो हमारी टीम इस पर काम करती है। इसके अलावा भी हमारी टीम देश के अन्य राज्यों में कहीं पर भी इस तरह की घटना होने पर कोई बड़े वजन वाला लोडिंग कहीं नदी या खाई पर गिर जाता है तो उनको निकालने के लिए कंपनियां हम लोगों को हायर कर लेकर जाती हैं।

हैदराबाद से वेस्ट बंगाल जा रहे दो सौ पचास टन के ट्रांसफार्मर को अब फिर से हैदराबाद रिपेयरिंग के लिए पहुंचाया जाएगा। दुर्घटनाग्रस्त होने से कई सारे सामान ट्रांसफार्मर के टूट-फूट गए हैं। जिस वजह से फिर वापस हैदराबाद रिपेयरिंग के लिए पहुंचाया जाएगा।

इस कंपनी के पास विशेष रुप से बनाया गया जैक है जिसके जरिए आहिस्ता-आहिस्ता कर इस ट्रांसफार्मर को उठाया जा रहा है। इस ट्रांसफार्मर में नाइट्रोजन सरीखी ज्वलनशील गैसें हैं जिसके कारण इसे क्रेन की बजाए मैनुअल तरीके से उठाया जा रहा है।


Published on:
12 Sept 2016 05:09 pm
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