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Pench tiger reserve: 10 शावकों को दे चुकी है जन्म, लंबे समय बाद दिखी पीएन 20 बाघिन

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध और वरिष्ठतम बाघिनों में से एक पीएन 20 को शनिवार को एक बार फिर कर्माझिरी रेंज के पर्यटन क्षेत्र अंतर्गत बाघिन नाला तालाब के पास देखा गया। यह बाघिन मई 2008 में जन्मी थी और वर्तमान में इसकी आयु लगभग 17 वर्ष 7 माह है। पीएन 20 बाघिन पेंच […]

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Feb 10, 2026

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध और वरिष्ठतम बाघिनों में से एक पीएन 20 को शनिवार को एक बार फिर कर्माझिरी रेंज के पर्यटन क्षेत्र अंतर्गत बाघिन नाला तालाब के पास देखा गया। यह बाघिन मई 2008 में जन्मी थी और वर्तमान में इसकी आयु लगभग 17 वर्ष 7 माह है। पीएन 20 बाघिन पेंच टाइगर रिजर्व की विश्वविख्यात कॉलरवाली बाघिन की सहोदर बहन है। कर्माझिरी परिक्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में इसका विचरण रहा है। सामने के पंजे द्वारा अलग ही तरीके से चलती है, जिसके कारण यह पर्यटकों के बीच ‘लंगड़ी बाघिन’ के नाम से प्रसिद्ध हो गई। इस बाघिन का प्रजनन इतिहास अत्यंत उल्लेखनीय रहा है। दिसंबर 2012 में प्रथम बार दो मादा शावकों को जन्म दिया। वहीं वर्ष 2016 में तीन शावक एवं वर्ष 2019 में चार नर शावक एवं वर्ष 2021 में एक मादा शावक को जन्म दिया, जो वर्तमान में पीएन 165 (लक्ष्मी) के नाम से कर्माझिरी परिक्षेत्र में विचरणरत है। पीएन 20 बाघिन ने अपने जीवनकाल में कुल 10 शावकों को जन्म दिया, जिन्होंने पेंच टाइगर रिजर्व एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में अपने-अपने क्षेत्र स्थापित कर बाघों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्तमान में अत्यधिक आयु के कारण यह बाघिन शारीरिक रूप से कमजोर हो चुकी है तथा स्वयं शिकार करने में भी असमर्थ है। हालांकि, अन्य बाघों अथवा तेंदुओं द्वारा छोड़े गए शिकार एवं अन्य छोटे वन्यप्राणियों से इसे समय-समय पर भोजन प्राप्त हो जाता है। पीएन 20 बाघिन न केवल पेंच टाइगर रिजर्व की जैव विविधता का प्रतीक है, बल्कि बाघ संरक्षण हेतु पेंच प्रबंधन के प्रयासों की एक जीवंत मिसाल भी है।

Published on:
10 Feb 2026 01:12 pm
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