सिवनी

शाम ढलते ही झूंड में कुत्ते फैला रहे दहशत, बढ़ रहे मामले

आए दिन घटनाएं आ रही सामने, फिर भी जिम्मेदार बेपरवाह

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Aug 20, 2025

सिवनी. शहर में डॉग बाइट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। रात हो या दिन कुत्तों का आतंक शहर की सडक़ों पर देखा जा सकता है। शाम ढलने के बाद कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो रहे हैं। झूंड में कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। शहर के लगभग हर गली-चौराहे पर कुत्तों का झूंड लोगों में दशहत पैदा कर रहा है। आलम यह है कि लोग रात में बाइक पर भी निकलने में कतरा रहे हैं।कुत्ते चलती बाइक पर भी झपट्टा मारने से पीछे नहीं हटते। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष नगर पालिका कुत्तों के धरपकड़ एवं नसबंदी के लिए अभियान चलाने की बात कहती है। कागजों में लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर है। कुत्तों के काटने की घटना केवल शहर में ही नहीं बल्कि गांवों में भी सामने आ रही है। जिला अस्पताल में आए दिन पीडि़त पहुंच रहे हैं। कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। झूंड में कुत्ते हमला कर घायल कर रहे हैं। इसके बावजूद भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिले व शहर में कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है।
जिला अस्पताल से मिले आंकड़े के अनुसार वर्ष 2024 में जनवरी माह में 208, फरवरी में 208, मार्च में 219, अप्रेल में 240, मई में 257, जून में 250, जुलाई में 186, अगस्त में 152, सितम्बर में 156, अक्टूबर में 165, नवंबर में 195, दिसंबर में 235 मामले आए। वहीं जनवरी 2025 में 317 एवं फरवरी में 333, मार्च में 355, अप्रेल में 310, मई माह में 370 मामले सामने आए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया है आदेश
डॉग बाइट के मामले न केवल सिवनी में बल्कि हर जगह सामने आ रहे हैं। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में आदेश भी जारी किया है। जिसमें लावारिस और आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट करने की बात कही गई है। इसके अलावा सर्कुलर जारी कर यह भी कहा है कि लोग बचे हुए खाद्य पदार्थों और कूड़े का निपटान सही तरीके से ढके हुए कूड़ेदान में ही करें। ऐसा करने से कुत्ते के काटने की घटनाएं कम होंगी।

शहर का हर व्यक्ति परेशान
आवारा खूंखार कुत्तों से शहर का हर व्यक्ति अब परेशान हो गया है। बच्चों का घरों के बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं दो पहिया वाहन चालकों को भी यह कुत्ते गिराकर घायल कर देते हैं। हालत इतने खराब होते जा रहे हैं कि हर दिन इन कुत्तों से पीडि़त लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

इन क्षेत्रों में ज्यादा आतंक
शहर में सबसे ज्यादा कुत्ते विवेकानंद वार्ड, शहीद वार्ड, बारापत्थर, बस स्टैंड, भैरोगंज, छिंदवाड़ा चौक, कटंगी रोड, शुक्रवारी, ज्यारतनाका, राजपूत कॉलोनी, काली चौक, मंगलीपेठ, मठ मंदिर, आजाद वार्ड सहित अन्य क्षेत्रों में नजर आते हैं।

बेअसर हुआ नसबंदी अभियान
शहर में आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाया गया था। वह भी बेअसर साबित होता दिख रहा है। नसबंदी अभियान की शुरुआत में दावा किया जा रहा था कि इससे शहरी क्षेत्र में कुत्तों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके लिए लाखों रुपए खर्च किए गए थे।

कुछ दिन नगर पालिका हुई थी सक्रिय
बीते 27 अप्रेल को विवेकानंद वार्ड स्थित मठ मंदिर के पास दोपहर में कुत्तों ने आधा दर्जन बच्चों पर हमला कर दिया और नोंच कर लहूलुहान कर दिया था। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद नगर पालिका ने कुछ दिन कुत्तों के धड़पकड़ को लेकर अभियान चलाया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

इनका कहना है…
नगर पालिका लगातार अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ रही है। कुछ दिन से अभियान बंद है। नसबंदी अभियान भी जल्द ही चलाया जाएगा।
विशाल सिंह मर्सकोले, सीएमओ, नपा, सिवनी

Published on:
20 Aug 2025 12:24 pm
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