
सिवनी. विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मध्य संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कृषि आधारित विशेष अभियान के अंतर्गत जिले में 19 एवं 20 जून को प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला एवं कृषकसंगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे
कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि लागत में कमी एवं किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के तहत 19 जून को विकासखंड घंसौर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित होगी। वहीं 20 जून 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, नागपुर रोड, सिवनी के प्रांगण में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं में किसानों को प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कृषि आदानों जैसे बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत एवं दशपर्णी अर्क के निर्माण एवं उपयोग संबंधी तकनीकी प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी किसानों को कृषि संबंधी तकनीकी सलाह देने के साथ-साथ शासन की विभागीय योजनाओं एवं उनके लाभों की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे। कलेक्टर ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे इन कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित कर प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीकों को अपनाएं एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त 20 जून को होगी जारी
सिवनी. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली 23वीं किस्त का वितरण 20 जून 2026 को किया जाएगा। इस अवसर पर पूरे जिले में जिला, विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी स्तरों पर कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आधार एवं बैंक खाते की ई-केवाईसी, भू-अभिलेखों के सत्यापन एवं पीएम किसान पोर्टल पर फेस ऑथेंटिकेशन सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि विकासखंड स्तर पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी बनाया गया है। तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।