हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं, ये वो संदेश है, जिससे संबंधित फ्लैक्स व बैनर हर पेट्रोल पंप पर लगा हुआ नजर आ जाएगा। इसे जिला प्रशासन के आदेश पर लगाया गया है, लेकिन उस आदेश का पालन हो रहा है कि नहीं यह देखने की सुध किसी को भी नहीं है। पेट्रोल पंपों पर यह सूचना सिर्फ दिखावे का काम कर रही है। अपनी ही सेफ्टी के लिए वाहन चालक भी हेलमेट नहीं पहन रहे हैं। बिना हेलमेट लगाए पेट्रोल लेने पहुंचने वाले बाइक सवारों का कहना है कि पंप में कोई नहीं पूछ रहा तो क्यों लगाएं हेलमेट।
शहर के कोई भी पेट्रोल पंपों में इसका पालन नहीं हो रहा है। शहर में यह आदेश सिर्फ बैनर व पोस्टर लगाने भर तक सीमित होकर रह गया है। हालांकि जब आदेश निकला था, उस समय उल्लंघन की विभिन्न धाराओं का हवाला देकर कार्रवाई की बात कही गई थी। इसमें यातायात पुलिस, आरटीओ, खाद्य विभाग, थाना पुलिस सभी को मिलकर रोजाना सख्ती बरतने भी कहा गया था, लेकिन इस पर भी अमल नहीं हो पा रहा है।
शहर में भी बिना हेलमेट चला रहे वाहन
शहर में दो, चार प्रतिशत वाहन चालक ही हेलमेट का उपयोग कर रहे हैं। यातायात प्रभारी जगोतिन मसराम का कहना है कि वाहनों की चैकिंग के दौरान बिना हेलमेट वाहन चालकों के भी चालान बनाए जा रहे है और साथ ही समझाइश भी दी जा रही है। अगस्त में दो पहिया, चारपहिया, बसों सहित अन्यवाहनों 1271 चालान के साथ 4 लाख 93 हजार पांच सौ रुपए की राशी वसूली गई।
पेट्रोल पंप पर हेलमेट का पूछते तक नहीं
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मे पेट्रोल पंप में अधिकांश पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा आदेश दिया गया था तब कुछ दिनों तक पंप संचालकों के द्वारा इसका पालन किया गया था। उसके बाद व्यवस्था ज्यो की त्यों हो गई है।