महंगाई और कार्रवाई  ने शराबियों के उड़ाए होश

पहले के मुकाबले अब कच्ची शराब या तो बनाना बंद हो रहा है या कम मात्रा में निर्माण हो रहा है।

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Sep 23, 2016
seoni

सिवनी.
कच्ची शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले महुआ की कीमतें क्या बढ़ीं, जिले में कच्ची शराब बनाने, बेचने के अवैध कारोबार में अचानक कमी आ गई है। ये कहना है खुद जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी का। हालांकि आबकारी विभाग की टीम की सक्रियता को भी वे अहम मानते हैं।
जिले में वर्षों से गांव-गांव कच्ची शराब बनती और बिकती रही है, लेकिन बीते कुछ समय में आबकारी विभाग के निरीक्षण और कार्रवाई में यह हकीकत सामने आ रही है कि पहले के मुकाबले अब कच्ची शराब या तो बनाना बंद हो रहा है या कम मात्रा में निर्माण हो रहा है। इसकी अहम वजह यह है कि कच्ची शराब बनाने के लिए उपयोग में लिया जाने वाला महुआ 30 रुपए किलो से बढ़कर 55 रुपए किलो में मिल रहा है।

विभागीय टीम भी सक्रिय-


महंगी कीमत में महुआ लेना उस पर यूरिया डालकर आग में पकाना, इस तरह शराब तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में खर्चा बढ़ गया है, जिससे लोग कच्ची शराब बनाने में रुचि नहीं ले रहे। इधर जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि विभागीय टीम भी सक्रिय रहकर गांव-गांव दबिश दे रही है, जिसका भी असर अवैध शराब बिक्री में पाबंदी लगाने में हुआ है।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी विजय सेन ने बताया कि जिले के बादलपार, सावंगी, मंडी, मोहगांव, बाम्हनदेही जैसे गांव में जहां सैकड़ों किलो महुआ लाहन, शराब की बरामदगी होती थी, उन गांव में अब बमुश्किल 10 मटके या कुछ लीटर की बरामदगी हो रही है।

नष्ट की शराब बनाने की भट्टी-



जिला आबकारी कार्यालय की टीम ने बरघाट ब्लॉक के जावरकाठी में दबिश देकर गांव के नजदीक कच्ची शराब बनाने की भट्टी सहित करीब 150 किलो लाहन बरामद किया। जिसे आबकारी अधिकारी के निर्देश पर नजदीकी नाले में बहा दिया गया है। वहीं भट्टी नष्ट करते हुए अन्य सामग्री बरामद कर अवैध शराब बनाने वालों की पतासाजी कर कार्रवाई की है।

5 महीने में कमाए 40 करोड़ से ज्यादा-

आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2016-17 के बीते 5 महीने (1 अपै्रल से 31 अगस्त तक) के लक्ष्य 40 करोड़ 40 लाख से बढ़कर 40 करोड़ 60 लाख रुपए राजस्व आय अर्जित की है। जिले के 59 देशी-विदेशी शराब दुकानों से प्राप्त हुई है, इस अवधि का किसी भी लाइसेंसी ठेकेदार पर कोई बकाया शेष नहीं है।

कार्रवाई करने में जुटी टीम -


जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी के निर्देशन में सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रणय श्रीवास्तव, हसन गोहिया, विजय कुमार सेन, प्रमोद कुमार धुर्वे, आबकारी उपनिरीक्षक प्रमोदकुमार धुर्वे, आशीष वाटिया, सेवकराम झारिया, मुख्य आरक्षक विरेन्द्र तिवारी, होरीलाल वाचक, तीरथलाल आरमेती, सुरेन्द्र तिवारी, व्यासनारायण शर्मा, किशोर गुप्ता, विरेन्द्र पटेल, इंद्रकुमार मरकाम, धर्मेन्द्र यादव, आनंद मरावी, लेखराम तेकाम, संतराम मरावी, सेवकराम भलावी, संतोष चिले टीम में शामिल हैं।
Published on:
23 Sept 2016 11:48 am
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