सिवनी

School: विद्यार्थियों के जान से खिलवाड़, सिलेंडर रखकर चला रहे स्कूली वैन

घंसौर क्षेत्र का मामला

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Mar 29, 2025


सिवनी. जिले में नियमों को ताक पर रखकर स्कूलों में वैन संचालित हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र घंसौर में शुक्रवार दोपहर को विद्यार्थियों से भरे स्कूल वैन में गैस सिलेंडर पाया गया। वैन नन्हें विद्यार्थियों एवं दो शिक्षिकों से भरी थी। स्कूल वैन के ऊपर भी एक घरेलू सिलेंडर रखा हुआ था। जब जागरूक लोगों ने चालक से पूछा तो उसने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। यह आलम तब है जब इन दिनों तेज धूप की वजह से जगह-जगह आग लगने की घटना सामने आ रही है। बताया जाता है कि यह वैन एक निजी स्कूल में संचालित होती है। हालांकि स्कूल संचालक ने इससे इंकार कर दिया। वहीं लोगों ने जिम्मेदारों से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

उम्र पार भी फिर चल रहे वैन
जिले में ज्यादातर वैन अपनी उम्र सीमा पार कर चुकी हैं। इसके बावजूद भी गाड़ी मालिकों को कमाई की चिंता है। फिटनेस की तरफ ध्यान ही नहीं दिया जाता। नियमों के विपरीत वाहनों में सीएनजी किट के विकल्प के तौर पर एलपीजी सिलेंडर लगाकर बच्चों को ढोया जाता है। उसके ऊपर भी सीट लगा दी जाती है और इन पर मासूमों को बैठा दिया जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि समय-समय पर आरटीओ जांच करती है। इसके बावजूद भी वाहन संचालकों के हौंसले बुलंद हैं।

स्कूली वाहनों में यह मानक होना आवश्यक

  • वाहन के आगे व पीछे की तरफ स्कूल बस लिखा होना चाहिए।
  • स्कूल वाहन पीले रंग से रंगी होनी चाहिए।
  • सीटों पर क्षमता से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।
  • खिड़कियों पर विंडो बार (लोहे की छड़) लगी होनी चाहिए ताकि बच्चे सिर बाहर न निकाल सकें।
  • वाहन में फस्र्ट एड बाक्स और अग्निशमन यंत्र होना चाहिए।
  • वाहन पर स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर लिखा होना चाहिए।
  • दरवाजे पर लाक और दो इमरजेंसी गेट होने चाहिए।
  • बस चालक को भारी वाहन चलाने का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
  • चालक के साथ एक सहायक और कम से कम एक अध्यापक या अध्यापिका होनी चाहिए।
  • गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड अलार्म होना चाहिए।

इनका कहना है…
नियम विरूद्ध चल रहे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। स्कूली वाहनों को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
देवेश बाथम, एआरटीआ

Published on:
29 Mar 2025 05:36 pm
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