
सिवनी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने छिंदवाड़ा चौक, गणेश मंदिर से थोक सब्जी मंडी नागपुर रोड तक अपने हिस्से में रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर प्राइमरी स्वीकृति दे दी है। फाइल अभी दो और स्तर पर स्वीकृति के लिए पहुंचेगी। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही रेलवे के हिस्से का काम शुरु हो पाएगा। यानी रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा होने में कम से कम 7 से 8 माह लग जाएंगे। बता दें कि नगझर से सीलादेही तक फोरलेन सडक़ व रेल ओवरब्रिज निर्माण कार्य करा रही है। काम धीमे गति से चल रहा है। लेटलतीफी की वजह से आम आदमी परेशान है। निर्माण कार्य के चलते सडक़ों पर उड़ती धूल, छोटे-छोटे कंकड़ से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं बारिश में सडक़ पर कीचड़ हो जा रहा है। दरअसल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शहर के भीतर से गुजरे पुराने नेशनल हाइवे सडक़ (नगझर से सीलादेही तक लगभग 14 किमी) को फोरलेन बनाने का काम कर रही है। इसमें फोरलेन सडक़ निर्माण के अलावा 630 मीटर लंबी रेलवे ओवर ब्रिज भी बनाई जा रही है। कार्य की शुरुआत एक वर्ष पहले की गई, लेकिन आज तक कार्य पूरा नहीं हुआ। आलम यह है कि 500 मीटर का भी सफर करने पर लोगों को 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है।
109 करोड़ के टेंडर की मिली थी स्वीकृति
शहर के भीतर सडक़ को फोरलेन बनाने के लिए 126 करोड़ की मंजूरी दी गई थी। केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्रालय ने राशि स्वीकृति के बाद एमपीआरडीसी को सडक़ बनाने का जिम्मा सौंपा। हालांकि बाद में बजट कर दिया गया और 109 करोड़ के टेंडर को स्वीकृति मिली। इसके बाद फिर से फाइल दौड़ी और बजट कुछ और बढ़ाया गया।
स्वीकृति के बाद छह माह
छिंदवाड़ा चौक, गणेश मंदिर से थोक सब्जी मंडी नागपुर रोड लगभग आधा किमी तक रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। ब्रिज का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं रेलवे के हिस्से में तीन पिलर बनने हैं। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। 630 मीटर लंबे बन रहे ओवरब्रिज के लिए रेलवे के हिस्से के कार्य को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर जोन को अनुमति देनी है। इसका प्रस्ताव भी एमपीआरडीसी ने भेजा है, लेकिन अभी अधूरी अनुमति मिली है। रेलवे ट्रैक के ऊपर के हिस्से को ओवरब्रिज से कनेक्ट करने के लिए बनने वाले इन पिलर की मंजूरी मिलने के बाद ही आगे का कार्य तेज गति से हो पाएगा।
आम आदमी को राहत की उम्मीद
नगझर से सीलादेही तक सडक़ के दोनों तरफ 600 से अधिक मकान, 1000 से अधिक दुकानें हैं। कई मकान एवं दुकान अतिक्रमण के दायरे में आ गई थी। जिसे लगभग मार्च माह में प्रशासन ने चिन्हित कर तोड़ा था। छिंदवाड़ा चौक से नागपुर रोड की तरफ जाने पर दोनों तरफ की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में जरूरत है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा हो और आम आदमी को राहत मिले।
इनका कहना है…
आरओबी का कार्य चल रहा है। रेलवे से प्राइमरी स्वीकृति मिल गई है। दो अन्य स्तर पर स्वीकृति होना शेष है। फरवरी 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दीपक आड़े, महाप्रबंधक, एमपीआरडीसी